Yemen Attack: यमन में हूती विद्रोहियों का बड़ा हमला, व्यावसायिक जहाज पर मिसाइल गिरने से तीन पाकिस्तानी नागरिकों समेत चार की मौत।

यमन में चल रहे संघर्ष के बीच एक बहुत बड़ी और दुखद खबर सामने आई है जहाँ मंगलवार, 11 अगस्त 2026 को हूती विद्रोहियों ने देश के पश्चिमी तट पर सिलसिलेवार ड्रोन और मिसाइल से बड़े हमले किए। यमन की आधिकारिक सरकार ने इस बात की जानकारी दी है कि इन हमलों में भारी तबाही हुई है और सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले बाब एल-मंडेब जलडमरूमध्य में एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाया गया। इस दर्दनाक घटना में चार बेकसूर लोगों की जान चली गई, जिनमें तीन नागरिक पाकिस्तान के थे और एक इंडोनेशिया का रहने वाला था। हाल के दिनों में शिपिंग पर हुए हमलों में मौत का यह पहला मामला सामने आया है जिससे समुद्री सफर करने वाले लोगों और कामगारों के बीच डर का माहौल बन गया है.
पिछले कुछ दिनों से लगातार जारी हैं खतरनाक हमले
यमन सरकार की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को हुए इन हमलों से पहले पिछले दो दिनों में भी देश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बमबारी की गई थी। रविवार, 9 अगस्त 2026 को सरकार के नियंत्रण वाले इलाकों में हुए हमलों में कुल आठ लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें चार आम नागरिक और चार सरकारी सैनिक शामिल थे, जबकि इस हमले में 32 लोग घायल भी हुए थे। इसके अगले दिन यानी सोमवार, 10 अगस्त 2026 को ताएज़ प्रांत के मोचा शहर और उसके बंदरगाह को निशाना बनाया गया, जिसमें चार सैनिक और तीन नागरिकों की जान चली गई तथा 30 अन्य लोग घायल हो गए। लगातार हो रहे इन हमलों के बाद यमन की सरकार ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए मुंहतोड़ जवाब देने का ऐलान किया है.
सरकार ने लिया कड़ा रुख और नेताओं की चेतावनी
यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष रशाद अल-अलिमी ने साफ शब्दों में कहा है कि अब सरकारी सेना इस बढ़ते खतरे का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को अब अपनी मर्जी से सैन्य टकराव तय करने की छूट नहीं दी जाएगी। सरकार का यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश के हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और आम जनता तथा वहां रहने वाले कामगारों की सुरक्षा पर बड़ा संकट मंडरा रहा है। इस तरह के हमलों से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासियों और उनके परिवारों के बीच भी चिंता बढ़ गई है क्योंकि यमन के समुद्री रास्तों से व्यापार और आवाजाही प्रभावित हो रही है.
हूती संगठन का दावा और पुराना संघर्ष फिर से भड़कने का डर
दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने अपने बयान में कहा है कि उनके संगठनों द्वारा किए गए इन अभियानों में बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया था, जिनका मुख्य निशाना सऊदी सैनिकों के ठिकाने और हथियार भंडार थे। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से वहां भारी तबाही और नुकसान हुआ है। हूती प्रवक्ता का यह भी कहना था कि यह कार्रवाई यमन के पश्चिमी तट और ताएज़ प्रांत में सऊदी अरब द्वारा लगातार अपनी सैन्य ताकत और सहयोगी बलों को बढ़ाने के जवाब में की गई है। जानकारों का मानना है कि इन ताजा हमलों की वजह से साल 2022 में हुए समझौते के बाद अब एक बार फिर से यमन का पुराना गृहयुद्ध भड़कने का खतरा पैदा हो गया है, खासकर मोचा बंदरगाह के इलाके में जहां हूती नियंत्रण वाले होदेदा बंदरगाह से बचने के लिए नया विकास किया गया था.