Yemen में फिर भड़का संघर्ष, अल-माखा और मारिब शहर पर हूती विद्रोहियों ने दागे बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन

Aanya11 August 20262 min read64 viewsYemen
Yemen में फिर भड़का संघर्ष, अल-माखा और मारिब शहर पर हूती विद्रोहियों ने दागे बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन

यमन की सरकार ने हूती विद्रोहियों पर बड़ा आरोप लगाया है कि उन्होंने लाल सागर के बंदरगाह शहर Al-Makha और मध्य यमन के Marib शहर के रिहायशी इलाकों पर नए सिरे से बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन से हमले किए हैं। इस बात की जानकारी Al Jazeera English के 11 अगस्त 2026 के ट्वीट से सामने आई है, जिसमें बताया गया कि महीने की शुरुआत से ही लगातार हमले जारी हैं और आम नागरिकों को इसका बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है।

अल-माखा और मारिब में हुआ भारी नुकसान

Al-Makha शहर में ये हमले 9 अगस्त रविवार की शाम को शुरू हुए थे और 10 अगस्त सोमवार तक लगातार जारी रहे, जिसकी वजह से अकेले सोमवार को ही 7 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इससे पहले के हमलों में भी 11 लोगों की जान जा चुकी है। यमन के परिवहन मंत्रालय ने बताया कि इन हमलों की वजह से अल-माखा के बंदरगाह, आम लोगों की इमारतों, घरों और बिजलीघरों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा 7 से 8 अगस्त के दौरान मारिब शहर के रिहायशी इलाकों और शरणार्थी शिविरों पर किए गए हमलों में 2 नागरिकों की मौत हो गई और 14 लोग जख्मी हो गए।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

सेना का कड़ा रुख और हूती पक्ष का दावा

यमन के सैन्य प्रवक्ता कर्नल Majed al-Nuzayli ने कहा कि देश के सशस्त्र बल इस बढ़ते तनाव का जवाब बिना किसी झिझक के देंगे और इस पूरी तबाही के लिए सीधे तौर पर हूती विद्रोही जिम्मेदार हैं। दूसरी तरफ, हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने इन हमलों की जिम्मेदारी लेते हुए दावा किया कि उन्होंने अल-माखा में सऊदी सैनिकों के ठिकानों और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया है। साथ ही मारिब में Sahn al-Jinn सैन्य शिविर पर भी हमला करने की बात कबूल की। हूती गुट का कहना है कि यह कार्रवाई कथित सऊदी सैन्य गतिविधियों के जवाब में की गई है और वे इस escalation का जवाब उसी अंदाज में देते रहेंगे।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूती विद्रोहियों के इन मिसाइल हमलों की कड़ी निंदा की है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है। संयुक्त राष्ट्र का मानना है कि लाल सागर में दोबारा शुरू हुए इन हमलों की वजह से यमन अप्रैल 2022 के समझौते के बाद से अब तक के सबसे बड़े संघर्ष के खतरे की ओर बढ़ रहा है। यमन की विदेश मंत्री Afrah al-Zouba ने 10 अगस्त 2026 को संयुक्त राष्ट्र को चेतावनी दी थी कि अगर इन हमलों को नहीं रोका गया, तो यह विवाद एक बड़े क्षेत्रीय सुरक्षा संकट का रूप ले सकता है। इस बारे में अधिक जानकारी के लिए आप ANI News की रिपोर्ट देख सकते हैं।

Share:

Comments

Leave a comment