यमन की Presidential Leadership Council के सदस्य और मारिब के गवर्नर Sultan Al-Arada ने हूती गुट के साथ जारी संघर्ष को एक निर्णायक और भाग्य विधाता वाली लड़ाई बताया है। 25 जुलाई 2026 को उन्होंने स्पष्ट किया कि हूती समूह केवल युद्ध का रास्ता चुनता है और शांति के सभी अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को लगातार ठुकरा रहा है। इस स्थिति ने आम यमनियों की समस्याओं को और अधिक बढ़ा दिया है।
सैन्य तैयारी और सरकार का रुख
सरकारी अधिकारियों ने मारिब में एक बड़ी बैठक की, जिसमें रक्षा मंत्री Taher Al-Aqili और चीफ ऑफ स्टाफ Sagheer bin Aziz शामिल हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य सैन्य तैयारी को मजबूत करना और सुरक्षा योजनाओं पर चर्चा करना था। यमन सरकार ने लाल सागर में एक कमर्शियल जहाज पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है और इसे आतंकवाद करार दिया है। सरकार का कहना है कि वे किसी भी सूरत में अपनी जमीन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा और पड़ोसी देशों को धमकाने के लिए नहीं होने देंगे।
हूती गुट और सऊदी गठबंधन की प्रतिक्रिया
हूती गुट के Political Bureau ने होदेइदाह प्रांत में हुए सऊदी हमलों को खतरनाक बताया है और जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है। हूती लड़ाकों ने लाल सागर में दो सऊदी तेल टैंकरों Encelia और Layla पर हमले की जिम्मेदारी ली है। सऊदी अधिकारियों ने Encelia टैंकर पर हमले की पुष्टि की है। इससे पहले, 24 जुलाई को सऊदी गठबंधन ने हूती खतरों के जवाब में होदेइदाह में सैन्य कार्रवाई की थी। सरकारी टीवी चैनल के अनुसार, मारिब के Al-Jubah जिले में हूती मिसाइल लॉन्चरों और हथियारों के गोदामों को भी निशाना बनाया गया है।
