यमन में हूती आंदोलन ने 26 जुलाई 2026 को एक बड़ा दावा किया है। हूती प्रवक्ता Yahya Sarea ने बताया कि उनके बलों ने Jawf प्रांत के ऊपर सऊदी अरब का एक जासूसी ड्रोन मार गिराया है। हूतियों का कहना है कि यह तुर्की में बना Bayraktar Akıncı ड्रोन था, जिसे उन्होंने अपनी सैन्य कार्रवाई के दौरान निशाना बनाया। इस दावे पर अभी सऊदी अरब की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
क्षेत्र में बढ़ती सैन्य हलचल
यह घटना ऐसे समय में हुई है जब यमन में सैन्य तनाव अपने चरम पर है। 25 जुलाई 2026 को यमनी सरकार की वायु सेना ने Marib और al-Jawf में हूती ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। वहीं, सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने Hodeidah समेत उन इलाकों पर हमले किए जो हूतियों के कब्जे में हैं। हूतियों ने भी जवाब में Jizan और Yanbu में स्थित सऊदी ऊर्जा संयंत्रों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है।
समुद्री सुरक्षा और कूटनीतिक चिंताएं
तनाव का असर समुद्र में भी देखने को मिल रहा है। 26 जुलाई 2026 को UKMTO ने जानकारी दी कि दक्षिणी लाल सागर में एक टैंकर के पास अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरता हुआ देखा गया, हालांकि चालक दल सुरक्षित है। इस बढ़ते संघर्ष पर सऊदी दूत Mohamed AlJabir ने हूतियों पर विदेशी इशारे पर हिंसा करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने और सैन्य टकराव से बचने की सलाह दी है।
