Saudi Arabia पर ड्रोन हमला, यमन के हूती विद्रोहियों ने जिजान में अरामको रिफाइनरी को बनाया निशाना.

यमन के हूती समूह ने 13 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के दक्षिण-पश्चिमी शहर जिजान में स्थित अरामको तेल रिफाइनरी पर एक लक्षित ड्रोन हमले की जिम्मेदारी ली है। हूती द्वारा संचालित सबा समाचार एजेंसी के अनुसार, समूह के भीतर के सैन्य स्रोतों ने बताया कि इस ऑपरेशन में दो ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था, और उन्होंने इस हमले को एक सटीक स्ट्राइक बताया। हूती विद्रोही लगातार कह रहे हैं कि यह कार्रवाई सऊदी के नेतृत्व वाले सैन्य अभियानों और यमन में हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर लगाए गए नाकेबंदी के जवाब में की जा रही है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है और आम लोगों के बीच चिंता का माहौल देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय तनाव और अन्य हमले
यह हमला क्षेत्रीय स्तर पर बढ़ रहे तनाव के बीच हुआ है। इसी दिन हूती बलों ने लाल सागर में एक सैन्य परिवहन पोत और यमन के भीतर सऊदी समर्थित ठिकानों पर कई सैन्य अभियान चलाए, जिसमें मोखा क्षेत्र और मारिब गवर्नर शामिल हैं। इसके अलावा, हद्रमौत प्रांत में सरकारी बलों के अड्डों पर किए गए अन्य ड्रोन हमलों में कम से कम 3 सैनिक मारे गए और 15 घायल हो गए। इस तरह के लगातार हमलों ने खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है।
आधिकारिक प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
जिजान सुविधा पर हुए नुकसान को लेकर अभी तक सऊदी अधिकारियों की तरफ से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं आई है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद ने हूती आक्रामकता का कड़ा जवाब देने की कसम खाई है। इस बीच, रिपोर्ट्स से पता चलता है कि जैसे-जैसे क्षेत्र में तनाव बढ़ रहा है, सऊदी अरब लाल सागर के तट को वापस पाने के लिए संभावित जमीनी अभियान पर भी विचार कर रहा है। इन हालातों पर खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और कामगारों की भी पैनी नजर बनी हुई है ताकि सुरक्षा से जुड़ी हर जानकारी समय पर मिल सके।