यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के अध्यक्ष Rashad al-Alimi ने सभी यमनियों को सतर्क रहने और एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने 20-21 जुलाई 2026 को चेतावनी दी कि हूती मिलिशिया देश को फिर से बेकार की लड़ाई में धकेलने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि हूती शांति प्रस्तावों को ठुकराकर ईरान के एजेंडे पर काम कर रहे हैं और आम लोगों की परेशानियों का फायदा उठा रहे हैं। साथ ही, सरकार ने 2022 से बंद पड़े यमन के तेल निर्यात को फिर से शुरू करने का ऐलान किया है, ताकि सरकारी खजाने, कर्मचारियों के वेतन और जरूरी सेवाओं में मदद मिल सके।
समुद्री रास्तों पर संकट
तनाव तब और बढ़ गया जब हूती मिलिशिया ने 21 जुलाई को सऊदी अरब के बंदरगाहों और रणनीतिक Bab al-Mandeb जलडमरूमध्य पर समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर दी। यह इलाका दुनिया भर के जहाजों की आवाजाही के लिए बहुत अहम है। इससे पहले Sanaa International Airport पर सऊदी के हवाई हमलों और Abha International Airport पर हूती मिसाइल हमलों के बाद स्थिति और बिगड़ गई है। हूती नेता Abdul Malik al-Houthi पहले ही बड़े हमले की धमकी दे चुके थे।
सऊदी अरब और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने इस समुद्री नाकेबंदी को समुद्री डकैती और आतंकवादी कृत्य करार दिया है। गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki Al-Maliki ने साफ किया है कि वे इन धमकियों का कड़ा जवाब देंगे। गठबंधन ने अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत Bab al-Mandeb से गुजरने वाले सऊदी जहाजों की सुरक्षा के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र और चीन ने भी इस तनाव पर चिंता जताते हुए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है।
