यमन की सरकार ने 24 जुलाई 2026 को एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा कि हूती विद्रोहियों का हालिया हमला क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा है। सरकार का कहना है कि ये विद्रोही लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को नाकाम कर रहे हैं और यमन के लोगों के हितों के खिलाफ जाकर देश को संघर्ष में धकेल रहे हैं।

समुद्री जहाजों पर हमले और सऊदी की जवाबी कार्रवाई

पिछले कुछ दिनों में लाल सागर में तनाव काफी बढ़ गया है। 24 जुलाई को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के कमर्शियल जहाज NCC MASA को निशाना बनाया, जिससे जहाज के ऊपरी हिस्से को नुकसान पहुंचा। इससे पहले 23 जुलाई को हूतियों ने Encelia और Layla नामक दो सऊदी तेल टैंकरों पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया था। साथ ही, 21 जुलाई को उन्होंने सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी का ऐलान किया था। हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने इन समुद्री हमलों को जारी रखने की बात कही है। जवाबी कार्रवाई में सऊदी गठबंधन ने यमन के Hodeidah में सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिसमें दूरसंचार सुविधाएं और Kamaran द्वीप को निशाना बनाया गया।

अंतरराष्ट्रीय संगठनों की चिंता

संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने इस बढ़ते संघर्ष पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक जहाजों पर ये हमले क्षेत्रीय शांति को खतरे में डालते हैं और यमन की स्थिति को और अधिक खराब कर रहे हैं। उन्होंने UN Security Council Resolution 2722 (2024) का हवाला देते हुए हूतियों को तत्काल हमले रोकने की अपील की है। यमन के लिए संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने भी चेतावनी दी है कि इस तरह की घटनाओं से राजनीतिक शांति की राह मुश्किल हो गई है। सऊदी अरब ने भी इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया है और अपने समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए कड़े कदम उठाने का भरोसा दिया है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.