Yemen Update: हूती सरकार ने किया बड़ा ऐलान, किसी भी हमले के लिए सेना हाई अलर्ट पर, बाब अल-मंडेब बंद करने की धमकी

यमन में हूती सरकार ने पूरी तरह से तैयारी कर ली है। रक्षा मंत्री Major-General Mohammed al-Atifi ने साफ कहा है कि वे किसी भी बाहरी हमले का मुकाबला करने के लिए तैयार हैं। इस तनाव के बीच अब समुद्री रास्तों को बंद करने की बातें भी सामने आ रही हैं, जिससे पूरी दुनिया की नजरें अब इस इलाके पर टिकी हैं।

📰: Yemen News: अमेरिका और इसराइल के खिलाफ हूतियों ने दिखाया दम, रक्षा मंत्री बोले सेना हाई अलर्ट पर, अब होगा बड़ा मुकाबला

हूती सेना हाई अलर्ट पर क्यों है?

रक्षा मंत्री Major-General Mohammed al-Atifi ने बताया कि उनकी सेना पूरी तरह तैयार है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे टकराव ने उनके गठबंधन को और मजबूत बनाया है। 18 अप्रैल 2026 को काउंसिल ऑफ मिनिस्टर्स को सेना की तैयारी के बारे में पूरी जानकारी दी गई थी। हूती ग्रुप का कहना है कि वे यमनी लोगों के खिलाफ किसी भी हमले का कड़ा जवाब देंगे।

बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य को लेकर क्या धमकी दी?

हूती सरकार के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Hussein al-Ezzi ने एक बड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने शांति में बाधा डालने वाली नीतियां जारी रखीं, तो बाब अल-मंडेब Strait को बंद किया जा सकता है। उन्होंने यहां तक दावा किया कि अगर सना ने इसे बंद करने का फैसला किया, तो दुनिया की कोई भी ताकत इसे दोबारा नहीं खोल पाएगी।

अन्य किन मुद्दों पर तनाव बढ़ा?

हूती ग्रुप ने Somaliland में इसराइल की दखलंदाजी की कड़ी निंदा की है। उनका मानना है कि इसराइल का वहां होना एक रेड लाइन है, जिससे हॉर्न ऑफ अफ्रीका और रेड सी इलाके में तनाव और बढ़ सकता है। वहीं, Abdulmalik al-Houthi ने कहा कि सीजफायर की खबर ईरान के लिए बड़ी जीत है, लेकिन वे भविष्य के युद्ध के लिए भी तैयार बैठे हैं।

तारीख मुख्य अपडेट
मार्च के अंत में हूती ग्रुप औपचारिक रूप से अमेरिका-इसराइल युद्ध में शामिल हुआ
9 अप्रैल 2026 Abdulmalik al-Houthi ने सीजफायर को ईरान की जीत बताया
18 अप्रैल 2026 Major-General Mohammed al-Atifi ने सेना की तैयारी की रिपोर्ट दी
19 अप्रैल 2026 सेना को हाई अलर्ट पर रखने का आधिकारिक ऐलान हुआ
19 अप्रैल 2026 बाब अल-मंडेब Strait को बंद करने की धमकी दी गई
19 अप्रैल 2026 Somaliland में इसराइल की मौजूदगी का विरोध किया गया