यमन के हूती विद्रोहियों ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि यदि उनके लोगों पर घेराबंदी जारी रही, तो वे ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Mojtaba Khameni के आदेशों का पालन करने के लिए तैयार हैं। हूती रक्षा मंत्री Mohamed al-Atifi ने 17 जुलाई 2026 को यह बात कही। उन्होंने साफ किया कि उनके पास सऊदी अरब और उनका समर्थन करने वाले देशों के खिलाफ सभी विकल्प खुले हैं।

बाब अल-मंदेब पर मंडराया खतरा

ऐसी खबरें हैं कि ईरान ने हूतियों को लाल सागर के महत्वपूर्ण शिपिंग मार्ग Bab el-Mandeb Strait को बंद करने की तैयारी रखने को कहा है। यह स्थिति तब पैदा हो सकती है यदि अमेरिका ईरान के बिजली ढांचे पर हमला करता है। हूती समूह ने मिसाइल और ड्रोन तैनात कर दिए हैं और वे केवल इशारे का इंतजार कर रहे हैं। हूती नेता Abdul Malik al-Houthi ने चेतावनी दी कि यदि सऊदी अरब ने अपनी कार्रवाई तेज की, तो सऊदी के तेल और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया जाएगा।

तनाव का असर और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

क्षेत्र में चल रहे तनाव के कारण 8 जुलाई को हुआ संघर्ष विराम टूट गया है। हाल ही में अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब को अपनी हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए 1.96 अरब डॉलर के हथियारों की बिक्री को मंजूरी दी है। इस बीच, हॉर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाले व्यापार पर बहुत बुरा असर पड़ा है। 17 जुलाई को वहां से केवल एक ही कमर्शियल जहाज गुजर सका, जो पिछले एक महीने में सबसे कम संख्या है। कतर और कुर्दिस्तान के नेताओं ने ईरान की भूमिका की निंदा की है, जबकि विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आम लोगों के बुनियादी ढांचे पर हमला करना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.