यमन में हूती विद्रोहियों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन का मामला फिर से सामने आया है। यमनी नेटवर्क फॉर राइट्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, 31 जुलाई 2026 तक हूती लड़ाकों ने 432 लोगों को जबरन अगवा किया और उन्हें गायब कर दिया है। इन घटनाओं में महिलाएं, बच्चे और बुजुर्ग भी शामिल हैं, जो इब, सना और अल-हुदायदा जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा देखे गए हैं।
लगातार बढ़ रहे हैं मानवाधिकारों के मामले
मानवाधिकार संगठनों के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2018 से अप्रैल 2025 के बीच कुल 2,678 लोगों को जबरन गायब करने की घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसमें 158 महिलाएं और 137 बच्चे शामिल हैं। इसके अलावा, साल 2015 से मार्च 2026 के बीच बच्चों के अपहरण के 348 अलग मामले सामने आए हैं। विद्रोही समूह अक्सर संयुक्त राष्ट्र (UN) के स्थानीय कर्मचारियों, अंतरराष्ट्रीय सहायता एजेंसियों के लोगों और धार्मिक अल्पसंख्यकों को निशाना बनाते हैं। जून 2026 में 17 बहाई समुदाय के लोगों का अपहरण इसी कड़ी का हिस्सा था।
संयुक्त राष्ट्र की कड़ी चिंता
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने हूती विद्रोहियों की इस कार्रवाई पर गहरी नाराजगी जताई है। जून 2026 में जारी बयान में उन 73 संयुक्त राष्ट्र कर्मियों की रिहाई की मांग की गई है, जिन्हें साल 2021 से 2025 के बीच अलग-अलग समय पर बंधक बनाया गया था। यमन सरकार ने भी इन गतिविधियों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है। फिलहाल इन इलाकों में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और रक्षात्मक तैयारियों के बीच संघर्ष जारी है।
