यमन के हूती आंदोलन ने सोमवार 20 जुलाई 2026 को सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा की है। हूतियों के सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने टीवी पर दिए एक संबोधन में इसे ‘आंख के बदले आंख’ की कार्रवाई बताया है। हूतियों का कहना है कि यह कदम सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए हालिया हमले के जवाब में उठाया गया है।
नाकेबंदी की वजह और हूतियों का दावा
हूती प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि सऊदी अरब पिछले 12 वर्षों से यमन पर अन्यायपूर्ण घेराबंदी कर रहा है। उन्होंने सऊदी अरब पर यमन के संसाधनों को लूटने और बंदरगाहों व हवाई अड्डों पर पाबंदी लगाने का आरोप लगाया है। हूतियों ने सीधे तौर पर 13 जुलाई को सना एयरपोर्ट पर हुए हमले के लिए सऊदी अरब को जिम्मेदार ठहराया है और अपने समर्थकों से लामबंद होने की अपील की है।
सरकारी पक्ष और मौजूदा स्थिति
दूसरी तरफ यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। सरकार का दावा है कि उन्होंने सना एयरपोर्ट पर मौजूद उस विमान को रोकने के लिए हमला किया था, जिसमें हूती प्रतिनिधिमंडल के लिए अनधिकृत रूप से ईरानी सामान ले जाया जा रहा था। सरकारी अधिकारियों का कहना है कि हूती इस हवाई अड्डे का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए कर रहे थे। इस घोषणा के बाद से Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य जैसे महत्वपूर्ण शिपिंग मार्गों पर सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और सीमावर्ती इलाकों में अलर्ट जारी है।
