यमन के रक्षा मंत्री Lieutenant General Taher Al-Aqili ने 26 जुलाई 2026 को एक बड़ी घोषणा की है। उन्होंने कहा कि यमनी सशस्त्र बल और सऊदी गठबंधन मिलकर हूतियों की उन हरकतों का जवाब देंगे, जिनसे समुद्री रास्तों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। सरकार ने हूतियों को ईरान का एक जरिया बताया है और कहा है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए इस समूह को रोकना जरूरी है।
समुद्री सुरक्षा और हूतियों की धमकी
पिछले कुछ दिनों में हूतियों ने लाल सागर और Bab al-Mandab Strait में खतरा बढ़ा दिया है। 20-21 जुलाई के आसपास हूतियों ने सऊदी अरब से जुड़े जहाजों के लिए समुद्री घेराबंदी की धमकी दी थी। इसके बाद 26 जुलाई को UKMTO ने रिपोर्ट दी कि एक कमर्शियल जहाज के पास संदिग्ध प्रोजेक्टाइल गिरा है। European Union के ASPIDES मिशन ने भी दक्षिणी लाल सागर में सुरक्षा का स्तर बढ़ाकर हाई कर दिया है, क्योंकि MV ENCELIA जहाज पर भी हाल ही में हमला हुआ था।
गठबंधन की जवाबी कार्रवाई
इन हमलों के जवाब में Saudi-led coalition की सेना ने 25 जुलाई 2026 को Hodeidah प्रांत में हूतियों के ठिकानों पर सैन्य कार्रवाई की। गठबंधन ने स्पष्ट किया है कि Hodeidah पोर्ट को निशाना नहीं बनाया गया है और सभी यमनी बंदरगाह समुद्री आवाजाही के लिए पूरी तरह खुले हैं। हालांकि, इन घटनाओं के कारण कई सऊदी जहाजों को अपना रास्ता बदलना पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर असर पड़ रहा है। यमन की सरकार ने इन हमलों की कड़ी निंदा की है और कहा है कि वे नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं।
