यमन के हूतियों ने एक बार फिर इसराइल पर मिसाइल और ड्रोन से हमला करने का दावा किया है. 4 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले में हूतियों ने इसराइल के Ben Gurion Airport और दक्षिण के कुछ मिलिट्री ठिकानों को निशाना बनाया. इसराइल की सेना ने पुष्टि की है कि मिसाइल खुले मैदान में गिरी है और इससे किसी भी तरह का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है. यह हमला हूतियों की उस रणनीति का हिस्सा है जिसके तहत वे लगातार इसराइल को निशाना बना रहे हैं.

ℹ️: ईरान ने अमेरिका और इसराइल को दी खुली चेतावनी, गल्फ देशों में भी बढ़ा हमला, दुबई और बहरीन में अलर्ट जारी.

हूतियों ने हमले के बारे में क्या जानकारी दी है?

यमन के विद्रोही गुट हूतियों के प्रवक्ता Yahya Saree ने आधिकारिक बयानों के जरिए इस हमले की जिम्मेदारी ली है. उन्होंने बताया कि इस ऑपरेशन में एक बैलिस्टिक मिसाइल और कई ड्रोन का इस्तेमाल किया गया था. हूतियों का कहना है कि वे इसराइल के महत्वपूर्ण ठिकानों को तब तक निशाना बनाते रहेंगे जब तक गाजा और अन्य मोर्चों पर संघर्ष पूरी तरह बंद नहीं हो जाता. 4 अप्रैल के इस हमले से पहले भी मार्च के आखिरी हफ्ते और अप्रैल की शुरुआत में हूतियों ने कई बार हमले की कोशिश की थी.

इस हमले पर इसराइल और अंतरराष्ट्रीय समुदाय का क्या कहना है?

इसराइल की सेना (IDF) ने जानकारी दी कि मिसाइल ट्रैक होने के बाद खुले इलाके में गिरी जिससे कोई बड़ी तबाही नहीं हुई. हालांकि प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इसराइल इसका जवाब जरूर देगा. दूसरी तरफ संयुक्त राष्ट्र ने इस स्थिति पर चिंता जताई है और सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करने को कहा है. अमेरिका ने भी इस हमले की निंदा की है और कहा है कि वे इसराइल की सुरक्षा के साथ खड़े हैं और जवाब देने के उनके हक का समर्थन करते हैं.