यमन के हूतियों ने इसराइल पर दागी बैलिस्टिक मिसाइलें, ईरान और हिजबुल्लाह के साथ मिलकर तेल अवीव को बनाया निशाना
यमन के हूती विद्रोहियों ने एक बार फिर इसराइल की तरफ अपनी मिसाइलें मोड़ दी हैं। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने जानकारी दी है कि उनके बलों ने तेल अवीव के पास मौजूद खास ठिकानों पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी हैं। यह हमला ईरान और हिजबुल्लाह के साथ तालमेल बिठाकर किया गया है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है और अमेरिका ने भी ईरान पर कड़े हमले करने की चेतावनी दी है।
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हूती हमले और उनकी मुख्य शर्तें क्या हैं
हूती प्रवक्ता याह्या सारी के मुताबिक यह हमला इसराइल के संवेदनशील और महत्वपूर्ण इलाकों को ध्यान में रखकर किया गया था। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि आने वाले समय में हमलों की गंभीरता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसराइल और अमेरिका अपनी सैन्य गतिविधियों को कितना कम करते हैं। हूतियों ने इस कार्रवाई को ईरान और हिजबुल्लाह के साथ एक संयुक्त ऑपरेशन बताया है। उनका कहना है कि वे धीरे-धीरे अपनी सैन्य कार्रवाई बढ़ा रहे हैं और यह सिलसिला तब तक जारी रहेगा जब तक उनकी शर्तें नहीं मानी जातीं।
इसराइल का बचाव और अमेरिका की चेतावनी
इसराइली सेना (IDF) ने यमन से आई मिसाइल को डिटेक्ट करने और उसे इंटरसेप्ट करने की पुष्टि की है। इस हमले के दौरान यरूशलेम और आस-पास के इलाकों में खतरे के सायरन बजाए गए थे। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि अमेरिकी सेना अगले दो से तीन हफ्तों तक ईरान पर कड़े हमले जारी रखेगी। ट्रम्प ने दावा किया कि ईरान के मुख्य रणनीतिक ठिकानों को काफी नुकसान पहुँचाया गया है और उनका लक्ष्य उसे पीछे धकेलना है।
| तारीख | प्रमुख घटना |
|---|---|
| 2 अप्रैल, 2026 | हूतियों ने तेल अवीव के पास बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं |
| 2 अप्रैल, 2026 | इसराइली सेना ने यमन से आई मिसाइल को हवा में मार गिराया |
| 1 अप्रैल, 2026 | डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर कड़े हमलों की घोषणा की |
| 31 मार्च, 2026 | हूतियों ने ईरान और हिजबुल्लाह के साथ संयुक्त सैन्य ऑपरेशन शुरू किया |
| 28 मार्च, 2026 | सीजफायर के बाद हूतियों ने दोबारा हमले शुरू किए |




