Yemen Port Attack: यमन के मोचा पोर्ट पर हूती विद्रोहियों का फिर से मिसाइल हमला, संयुक्त राष्ट्र ने जताई गहरी चिंता.

यमन के सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण Port of Mocha पर हूती मिलिशिया ने एक बार फिर से बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। यह हमला बुधवार, 12 अगस्त 2026 को स्थानीय समयानुसार सुबह लगभग 11:35 बजे किया गया, जो बाब अल-मदब जलडमरूमध्य के पास स्थित है। इस दक्षिण-पश्चिमी समुद्री केंद्र पर लगातार दूसरे दिन हमले की पुष्टि हुई है। यमन के एक सैन्य सूत्र ने बताया कि दो बैलिस्टिक मिसाइल सीधे पोर्ट के किनारे यानी क्वे पर आकर गिरीं, जिससे वहां हड़कंप मच गया। यमन के सरकारी टीवी चैनल Saba TV ने भी इस हमले की पुष्टि की है, हालांकि शुरुआती घंटों में इस बात की आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई कि इस ताजा हमले में कितने लोग हताहत हुए हैं या कितना नुकसान हुआ है।
लगातार हमलों से इलाके में बढ़ा तनाव
यह ताजा आक्रामकता हाल ही में मोचा और यमन के अन्य हिस्सों में हुए हमलों की श्रृंखला का ही एक हिस्सा है। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने दावा किया कि उसी दिन मारिब और मोचा में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों में सऊदी कर्मियों सहित दर्जनों लोग मारे गए और घायल हुए हैं। इससे पहले के हमलों में भी भारी जानमाल का नुकसान हुआ है। पिछले दिनों यानी 10 अगस्त को मोचा पर हुए एक भीषण हमले में 4 सैन्य कर्मियों और 3 नागरिकों सहित कुल 7 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 30 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिनमें ज्यादातर आम नागरिक शामिल थे। इसके अलावा 9 अगस्त को हुए हमलों में कम से कम 8 सैन्य कर्मी और 3 नागरिक अपनी जान गंवा बैठे थे, और 32 लोग बुरी तरह जख्मी हुए थे। इन लगातार हमलों की वजह से पोर्ट की इमारतें, घाट, कमर्शियल सामान, जरूरी खाद्य आपूर्ति, रिहायशी इलाके और बिजली घर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और प्रशासनिक बैठक
यमन में चल रहे इस सैन्य टकराव और हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने 11 अगस्त 2026 को एक औपचारिक बयान जारी किया। उन्होंने मोचा और उसकी जरूरी बंदरगाह बुनियादी ढांचे पर हो रहे इन हमलों पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस तरह की हिंसक गतिविधियां शांति और कूटनीतिक समाधान के रास्ते में बड़ी रुकावट पैदा करती हैं। उन्होंने सभी पक्षों से अत्यधिक संयम बरतने की अपील की और आम नागरिकों तथा बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को सबसे पहली प्राथमिकता देने पर जोर दिया। इसी बीच, यमन की कैबिनेट ने भी 11 अगस्त 2026 को अदन में एक अहम बैठक की, जिसमें देश की सुरक्षा, अर्थव्यवस्था और मानवीय स्थिति पर हूती हमलों के पड़ रहे दूरगामी प्रभावों पर विस्तार से चर्चा की गई।