Yemen Ship Attack: लाल सागर में पानी के जहाज पर मिसाइल हमला, छह लोगों की मौत और कई प्रवासी घायल.

लाल सागर के बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज पर हुए खतरनाक मिसाइल हमले में छह लोगों की मौत हो गई है और कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस दर्दनाक घटना की पुष्टि करते हुए यमनी सरकार ने सीधे तौर पर ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को इसका जिम्मेदार ठहराया है। यह हमला एक 'डबल-टैप' स्ट्राइक था, जिसका मतलब है कि पहली मिसाइल गिरने के बाद जब राहत और बचाव कार्य शुरू हुआ, तब दूसरी मिसाइल दागी गई, जिससे रेस्क्यू टीम के सदस्यों को भी अपनी जान गंवानी पड़ी। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी ANI News के माध्यम से सामने आई है, जिसने इस क्षेत्रीय तनाव को और अधिक बढ़ा दिया है।
जहाज पर कैसे हुआ हमला और कौन था निशाना
जिस जहाज को निशाना बनाया गया उसका नाम Tihamah था, जो एक छोटा कार्गो जहाज था और तंजानिया के झंडे के साथ चल रहा था। यह मिस्र के स्वामित्व वाला जहाज था जो जरूरी सामान लेकर यमनी सरकार के कब्जे वाले बंदरगाह अल-मोखा से रवाना हुआ था। यमनी परिवहन मंत्रालय के अनुसार, हूती विद्रोहियों ने इस जहाज पर कुल तीन बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, हालांकि कुछ अन्य रिपोर्ट्स में चार मिसाइलें दागे जाने की बात भी सामने आ रही है। हमले का तरीका बहुत खतरनाक था क्योंकि पहली मिसाइल से जहाज में आग लगी और जब क्रू मेंबर तथा अन्य लोग आग बुझाने और घायलों को बचाने पहुंचे, तो दूसरी मिसाइल ने आकर सब कुछ तबाह कर दिया।
मृतकों और घायलों की पहचान
इस भीषण हमले में जान गंवाने वाले छह लोगों में चार क्रू मेंबर और दो सरकारी नेशनल रेजिस्टेंस फोर्सेस के जवान शामिल हैं। क्रू मेंबर में तीन पाकिस्तानी नागरिक और एक इंडोनेशियाई नाविक शामिल था, जबकि दो अन्य जवान रेस्क्यू मिशन का हिस्सा थे जो सहायता के लिए गए थे। इसके अलावा इस घटना में कुल दस लोग घायल हुए हैं, जिनमें सात क्रू मेंबर, दो कोस्ट गार्ड के जवान और एक एनआरएफ का सदस्य शामिल है। ब्रिटिश नौसेना से जुड़े संगठन UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने भी अल-मोखा शहर के पास अज्ञात प्रोजेक्टाइल से हुए इस हमले और उससे हुए नुकसान की पुष्टि की है। हूती मीडिया ने बाद में यह जरूर कहा कि उन्होंने उस जलडमरूमध्य में सऊदी सैन्य उपकरणों को ले जाने वाले एक जहाज को निशाना बनाया था, लेकिन सीधे तौर पर 'Tihamah' जहाज का नाम नहीं लिया।
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय चिंताएं
यमीनी परिवहन मंत्रालय ने इस हमले की कड़ी निंदा की है और समुद्री मार्गों को निशाना बनाए जाने पर गहरी चिंता जताई है। सरकार का कहना है कि इस तरह की हरकतों से जरूरी सामानों की आपूर्ति बाधित होगी और वैश्विक व्यापार तथा अंतरराष्ट्रीय नौवहन को बड़ा खतरा पैदा होगा। प्रधानमंत्री शया जिन्दानी की अध्यक्षता में हुई यमनी कैबिनेट ने भी हूती विद्रोहियों की इन कार्यवाहियों की भर्त्सना की और कहा कि देश की सुरक्षा और संस्थानों की रक्षा के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। फरवरी में शुरू हुए व्यापक ईरान युद्ध के बाद से हूती हमलों में शिपिंग की यह पहली आधिकारिक मौत का मामला है, जिससे साल 2022 के संघर्ष विराम के बाद एक बार फिर यमन के गृहयुद्ध के दोबारा भड़कने का खतरा पैदा हो गया है। लाल सागर में शिपिंग ट्रैफिक पहले ही 2023 से 2025 के बीच 50 प्रतिशत से अधिक गिर चुका है और इस ताजा हमले के बाद हालात और ज्यादा तनावपूर्ण हो गए हैं।