यमन में हूती मिलिशिया पर आरोप लगा है कि वे डीजल, पेट्रोल और केरोसिन जैसे जरूरी तेल उत्पादों की जमाखोरी कर रहे हैं। Yemeni Network for Rights ने 1 अगस्त 2026 को अपनी रिपोर्ट में बताया कि हूती इन्हें ब्लैक मार्केट में 10 गुना तक महंगे दाम पर बेच रहे हैं, जिससे आम जनता पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
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तेल की कालाबाजारी और हूती का खेल
U.S. Department of the Treasury ने पहले ही हूती समूह के अवैध तेल व्यापार और शिपिंग नेटवर्क पर प्रतिबंध लगा रखे हैं। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, हूती नेता आम यमनियों से तेल के लिए बहुत ज्यादा पैसे वसूलते हैं और इस कमाई का इस्तेमाल अपनी सैन्य गतिविधियों को चलाने और निजी फायदे के लिए करते हैं। Yemen Elaph Petroleum Derivatives Import जैसी कंपनियों का नाम भी सामने आया है, जो हूती नियंत्रित इलाकों में इस अवैध व्यापार में शामिल हैं। अनुमान है कि हूती हर साल तेल की तस्करी से $2 बिलियन से भी ज्यादा की कमाई करते हैं।
सरकार का आरोप और बंदरगाहों की स्थिति
यमन की सरकार के सूचना मंत्री Muammar al-Eryani ने बार-बार कहा है कि हूती मिलिशिया जानबूझकर अपने नियंत्रण वाले इलाकों में ईंधन का संकट पैदा करते हैं। इसका मकसद ब्लैक मार्केट को बढ़ावा देना और नागरिकों का शोषण करना है। वहीं, हूती द्वारा संचालित Humanitarian Operations Coordination Center (HOCC) ने 1 अगस्त 2026 को उन खबरों को गलत बताया है जिनमें दावा किया गया था कि वे Bab el-Mandeb जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों से फीस वसूलने की योजना बना रहे हैं। हूतियों का कहना है कि वहां से गुजरना अभी भी मुफ्त है।
