यमन के हौथी विद्रोहियों ने संकेत दिए हैं कि वे अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ चल रहे संघर्ष में सीधे तौर पर ईरान के साथ शामिल हो सकते हैं। हौथी नेतृत्व का कहना है कि उनकी सैन्य तैयारियां पूरी हैं और वे नेतृत्व के आदेश का इंतज़ार कर रहे हैं। इस कदम से लाल सागर और बाब अल-मंदेब जैसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों पर बड़ा सुरक्षा संकट खड़ा हो सकता है, जो वैश्विक व्यापार के लिए बहुत ज़रूरी हैं।

🚨: Iran-US Conflict: ईरान ने ठुकराया अमेरिका का शांति प्रस्ताव, कहा फिलहाल बातचीत का कोई इरादा नहीं

हौथी विद्रोहियों की क्या है नई तैयारी?

हौथी नेता अब्दुल-मलिक अल-हौथी ने अपने हालिया भाषण में स्पष्ट किया है कि वे ईरान के साथ मजबूती से खड़े हैं। हौथी समूह का मानना है कि यह लड़ाई पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर रही है और वे इसमें पीछे नहीं रहेंगे। रॉयटर्स से बात करते हुए एक हौथी नेता ने कहा कि फिलहाल ईरान की स्थिति मजबूत है, लेकिन अगर ज़रूरत पड़ी तो वे नया मोर्चा खोलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

  • हौथी सेना ने दावा किया है कि उनके पास सभी सैन्य विकल्प खुले हैं।
  • अब्दुल-मलिक अल-हौथी ने हमलों को इस्लाम पर युद्ध बताया है।
  • ग्रुप ने चेतावनी दी है कि वे क्षेत्रीय बदलावों पर खामोश नहीं बैठेंगे।
  • लाल सागर में फिर से जहाजों पर हमले शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था और सप्लाई चेन पर संकट

हौथियों ने चेतावनी दी है कि अगर संघर्ष का विस्तार होता है, तो इसका सीधा असर ऊर्जा की कीमतों और पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा। बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य, जो स्वेज नहर की ओर जाने वाला एक मुख्य समुद्री रास्ता है, उनका प्रमुख निशाना बन सकता है। अगर यह रास्ता बंद होता है, तो दुनिया भर में सामान की आवाजाही प्रभावित होगी और तेल के दाम बढ़ सकते हैं।

तारीख महत्वपूर्ण घटनाक्रम
28 फरवरी, 2026 अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए।
13 मार्च, 2026 हौथी नेता ने ईरान के समर्थन में सार्वजनिक भाषण दिया।
22 मार्च, 2026 हौथियों ने सप्लाई चेन और अर्थव्यवस्था पर असर की चेतावनी दी।
26 मार्च, 2026 हौथी नेतृत्व ने लाल सागर में फिर से हमले की तैयारी की पुष्टि की।

क्षेत्रीय दबाव और बदलती स्थितियां

रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान और हिज़्बुल्लाह की तरफ से हौथियों पर अमेरिका और इज़राइल के खिलाफ युद्ध में शामिल होने का दबाव बढ़ रहा है। हालांकि, कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि हथियारों की कमी और अमेरिकी निगरानी के डर से हौथी अब तक बड़े हमलों से बच रहे थे। लेकिन ताज़ा बयानों से लगता है कि वे ईद के बाद किसी भी समय बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं। यमन के प्रधानमंत्री ने हौथियों को किसी भी विदेशी एजेंडे के लिए सैन्य कार्रवाई करने से बचने की चेतावनी भी दी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.