Yemen: रेड सी में हूती विद्रोहियों का तेल टैंकर पर हमला नाकाम, सऊदी अरब और यमन में बढ़ी सैन्य हलचल

लाल सागर के समुद्री रास्ते पर तनाव लगातार गहराता जा रहा है। गुरुवार, 7 अगस्त 2026 को यमनी सशस्त्र बलों ने एक बड़ी जानकारी दी है, जिसमें बताया गया कि उन्होंने हूती मिलिशिया के एक हमले को नाकाम कर दिया है। हूती विद्रोही एक तेल ले जा रहे जहाज को निशाना बनाने के लिए विस्फोटक से भरी नाव का इस्तेमाल कर रहे थे, जिसे यमनी सेना ने समय रहते रोक दिया। पिछले 48 से 72 घंटों के भीतर सऊदी अरब के हितों और लाल सागर व अदन की खाड़ी में समुद्री जहाजों पर हूती हमलों में तेजी देखी गई है।
हूती हमलों की बढ़ती घटनाओं का विवरण
हूती प्रवक्ता Yahya Saree ने दावा किया कि उन्होंने 5 अगस्त को सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों 'Wafa' और 'Daisy' को बैलिस्टिक मिसाइलों से निशाना बनाया। प्रवक्ता के अनुसार, 22 जुलाई से शुरू हुए कथित समुद्री नाकेबंदी के दौरान वे अब तक 8 सऊदी तेल टैंकरों को निशाना बना चुके हैं और 29 अन्य जहाजों के रास्ते में बाधा डाल चुके हैं। इसके अलावा, 5 अगस्त को United Kingdom Maritime Trade Operations (UKMTO) ने एक जहाज पर हमले की पुष्टि की, जिसके कारण जहाज में आग लग गई और वह डूब गया। यमनी सरकार ने इस हमले के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। इससे ठीक पहले 4 अगस्त को भारत के झंडे वाला एक मालवाहक जहाज भी यमन के पास समुद्र में डूब गया था।
ज़मीनी हमलों का असर और सऊदी गठबंधन की प्रतिक्रिया
समुद्री हिंसा के साथ-साथ हूती विद्रोहियों ने ज़मीन पर भी अपने हमले तेज़ कर दिए हैं। 7 अगस्त को यमन के Marib और Hadramawt प्रांतों में हूती मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण सरकारी सेना के कम से कम 58 सैनिक मारे गए और दर्जनों लोग घायल हुए। इन हमलों की चपेट में नागरिक भी आए हैं। सऊदी अधिकारियों ने बताया कि दक्षिण सऊदी अरब के Najran क्षेत्र में हूती हमलों में 11 नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें एक 4 साल का बच्चा भी शामिल है।
सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के प्रवक्ता Major General Turki al-Maliki ने हूती समूहों पर अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि नागरिकों वाले इलाकों में बिना किसी भेदभाव के गोलाबारी करना कानूनन गलत है। वहीं, यमनी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों का जवाब देने की बात कही है। हूती विद्रोहियों ने अपने 'ब्लॉकडे-फॉर-ब्लॉकडे' की रणनीति को जारी रखने की बात दोहराई है, जिससे क्षेत्र में रहने वाले प्रवासी और शिपिंग कंपनियों की चिंताएं बढ़ गई हैं। अमेरिकी दूतावास ने भी इन हमलों की निंदा करते हुए इन्हें यमनी लोगों के खिलाफ कायराना हरकत बताया है।