यमन के सशस्त्र बलों ने पिछले दो दिनों में तीन ऑयल टैंकरों पर हमला करने और 16 जहाजों को सऊदी अरब जाने से रोकने का दावा किया है। इन हमलों के कारण कई जहाजों को अपनी दिशा बदलकर वापस लौटना पड़ा। हुती विद्रोहियों ने पहले ही सऊदी अरब के खिलाफ समुद्री नाकेबंदी की घोषणा कर रखी है, जिसे वे यमन पर लगी पाबंदियों का बदला बता रहे हैं।

हमलों के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध

इन घटनाओं पर दुनिया भर से कड़ी प्रतिक्रिया आ रही है। सिंगापुर के विदेश मंत्रालय ने 26 जुलाई को सऊदी अरब के ऊर्जा बुनियादी ढांचे और व्यापारिक जहाजों पर हुए इन हमलों की निंदा की। मंत्रालय ने समुद्र के कानून (UNCLOS) के तहत जहाजों को मिलने वाले अधिकारों का सम्मान करने की अपील की है। वहीं, कुवैत ने भी व्यावसायिक जहाजों पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता जताई है।

NCC MASA जहाज को हुआ नुकसान

सऊदी अरब के परिवहन प्राधिकरण ने पुष्टि की है कि हाल ही में NCC MASA नामक जहाज पर हमला हुआ था, जिससे जहाज के ऊपरी हिस्से में मामूली नुकसान पहुंचा है। अच्छी खबर यह है कि जहाज पर सवार सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं और जहाज अपनी यात्रा जारी रखने में सफल रहा। इससे पहले 23 जुलाई को Encelia नामक टैंकर पर हमले की पुष्टि हुई थी, जिसमें आग लग गई थी।

यमन की सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के अध्यक्ष मदी अल-मशात ने 26 जुलाई को इन सैन्य अभियानों को सही ठहराया है। उन्होंने कहा कि ये हमले सऊदी नाकेबंदी का जवाब देने के लिए आत्मरक्षा में किए जा रहे हैं और वे अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं को नहीं मानते हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.