यमन की हुथी नियंत्रित सरकार ने 12 जुलाई 2026 को ईरान के प्रति अपना पूरा समर्थन दोहराया है। हुथी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय दबाव से ईरान के लोगों को नहीं झुकाया जा सकता। मंत्रालय ने यह भी कहा कि वे ईरान के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और अमेरिकी सैन्य तनाव के जवाब में किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।
👉: US और Iran के बीच बढ़ी जंग: अमेरिका ने किया Abu Musa Island पर हमला, Hormuz Strait को लेकर मची खलबली.।
क्षेत्रीय तनाव और यमन की स्थिति
हुथी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और इसराइल द्वारा की जा रही कार्रवाई की निंदा की और कहा कि ईरान को अपनी सुरक्षा का पूरा अधिकार है। वहीं यमन के कार्यवाहक प्रधानमंत्री Mohammed Ahmed Miftah ने 11 जुलाई 2026 को सना में एक रैली के दौरान कहा कि यमन पर लगा नाकेबंदी का फैसला अब पीछे नहीं लिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने यमन के हवाई और समुद्री रास्तों को खोलने में मदद का आश्वासन दिया है।
फ्लाइट्स और सैन्य गतिविधियों पर अपडेट
क्षेत्रीय हालात तब और बदल गए जब 3 जुलाई 2026 को करीब एक दशक बाद तेहरान और सना के बीच सीधी उड़ानें शुरू हुईं। हालांकि, अदन में स्थित यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने इन उड़ानों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। इसके साथ ही, 12 जुलाई 2026 को ईरान के IRGC ने ओमान में अमेरिकी विमान वाहक पोतों के लिए बने लॉजिस्टिक्स और फ्यूल प्लेटफॉर्म पर हमले का दावा किया है। इस पूरे घटनाक्रम के चलते क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
