Yemen Crisis: यमन में दोबारा भड़की हिंसा से आम लोग परेशान, खाने-पीने का सामान और दवाइयां मिलना हुआ मुश्किल.

यमन देश में एक बार फिर से हिंसा और लड़ाई बहुत ज़्यादा बढ़ गई है, जिसकी वजह से वहां के आम लोगों की जिंदगी नर्क बन गई है। इस नए संघर्ष के कारण खाने-पीने की चीजें और दवाइयां सही समय पर लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। लाल सागर के बंदरगाहों और सना के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लगातार हमले हो रहे हैं, जिससे सारा कामकाज रुक गया है। अल जज़ीरा के पत्रकार यूसुफ मौरी ने सना से जानकारी देते हुए बताया कि देश भर में हालात बहुत ज़्यादा खराब होते जा रहे हैं और सेना की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट और भुखमरी की स्थिति
संयुक्त राष्ट्र यानी UN द्वारा 23 अगस्त 2026 को जारी की गई रिपोर्ट के मुताबिक, यमन की आधी से ज्यादा आबादी इस समय भारी भुखमरी का सामना कर रही है। यूएन के मानवता मामलों के अधिकारी ने बताया कि पांच साल से छोटे बच्चों में से आधे बच्चे और लगभग 13 लाख गर्भवती या बच्चों को दूध पिलाने वाली महिलाएं गंभीर कुपोषण का शिकार हो चुकी हैं। देश के हर पांच में से दो अस्पताल या तो पूरी तरह से बंद पड़े हैं या फिर बहुत ही कम क्षमता के साथ काम कर रहे हैं। इस भयानक स्थिति को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने मांग की है कि पकड़े गए राहत कर्मियों को तुरंत रिहा किया जाए ताकि लोगों तक सुरक्षित तरीके से मदद पहुंचाई जा सके।
लगातार हो रहे सैन्य हमले और मोर्चों पर तनाव
यमन में पिछले कुछ दिनों में सैन्य अभियानों में अचानक बहुत तेजी आई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त यमन सरकार की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, 18 अगस्त 2026 को खत्म हुए 24 घंटे के दौरान 100 से ज्यादा सैन्य कार्रवाई दर्ज की गईं और इसके बाद 20 अगस्त को फिर से 81 ऐसे ऑपरेशन चलाए गए। ये सभी लड़ाई मुख्य रूप से मारिब, होदेइदाह और ताइज इलाकों में केंद्रित हैं। दूसरी तरफ हूती विद्रोहियों ने भी सरकार के कब्जे वाले ठिकानों पर लगातार हमले किए हैं। 9 अगस्त को मोचा बंदरगाह पर हुए एक हमले में 11 लोगों की मौत हो गई थी और बंदरगाह की इमारतों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा 17 अगस्त को हूती बलों ने दावा किया कि उन्होंने सऊदी नौसेना के जहाजों और हथियारों के एक गोदाम को निशाना बनाया, जिसमें अल-अर्जी पोर्ट पर खड़ा नागरिक जहाज 'अमीर खान' भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
सना एयरपोर्ट की बंदी और स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल
सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के हालात अभी भी बहुत ज्यादा नाजुक बने हुए हैं, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार ने 13 जुलाई 2026 को एक ईरानी विमान को रोकने के लिए इसे बंद कर दिया था। यमन के स्वास्थ्य और पर्यावरण मंत्री अली अब्दुल करीम शैबान ने 10 अगस्त को बताया कि इस एयरपोर्ट के पिछले 12 साल से बंद रहने की वजह से कम से कम 60,000 नागरिकों की मौत हो चुकी है। मौजूदा समय में लगभग 200,000 मरीजों को इलाज के लिए विदेश जाने की बहुत ज्यादा जरूरत है, जबकि 120,000 कैंसर पीड़ित मरीज जरूरी दवाइयां न मिलने की वजह से रोज अपनी जान के खतरे का सामना कर रहे हैं। डॉक्टर्स विदाउट बॉर्डर यानी MSF ने पहले भी मई महीने में हुदैदाह बंदरगाह और सना एयरपोर्ट पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की थी, क्योंकि ये दोनों जगहें राहत सामग्री पहुंचाने के मुख्य रास्ते हैं।