यमन में भुखमरी की स्थिति बहुत खराब होती जा रही है। खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों और अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों की वजह से लोग दाने-दाने को तरस रहे हैं। यहाँ की करीब 80% आबादी गरीबी रेखा से नीचे रह रही है और लाखों लोग गंभीर संकट में हैं। Al Jazeera और संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट ने इस समस्या की ओर दुनिया का ध्यान खींचा है।
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यमन में भुखमरी के हालात कितने गंभीर हैं?
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मुताबिक, यमन में 22 मिलियन से ज्यादा लोगों को मानवीय मदद की जरूरत है। इनमें से 18 मिलियन लोग ऐसी भूख का सामना कर रहे हैं जो बहुत खतरनाक है। करीब 22 लाख बच्चे कुपोषण का शिकार हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ जिलों में अकाल जैसी स्थिति बन सकती है जिससे हजारों लोगों की जान को खतरा है।
संकट बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
Middle East में बढ़ते तनाव की वजह से खाने, ईंधन और खेती के सामान की कीमतें बहुत बढ़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और फंड की कमी ने हालात और बिगाड़ दिए हैं। पिछले साल की मदद अपील में से केवल 29 प्रतिशत फंड ही मिला था। FAO ने चेतावनी दी है कि अगर Strait of Hormuz में रुकावट आती है, तो खेती का सामान मिलना और मुश्किल हो जाएगा।
राहत कार्यों में क्या दिक्कतें आ रही हैं?
यमन के उत्तरी हिस्से में संयुक्त राष्ट्र की गतिविधियाँ बंद कर दी गई हैं क्योंकि वहाँ के Houthi अधिकारियों ने WFP के 38 कर्मचारियों को हिरासत में ले रखा है। साथ ही, जरूरी क्लियरेंस न मिलने के कारण UNHAS की फ्लाइट्स भी रोक दी गई हैं। इन पाबंदियों की वजह से जरूरतमंद लोगों तक समय पर मदद पहुँचाना बहुत मुश्किल हो गया है।