अमेरिका ने ईरान पर आरोप लगाया है कि वह नागरिक विमानों का इस्तेमाल करके हूती विद्रोहियों तक हथियार और सैन्य एक्सपर्ट्स पहुँचा रहा है। 3 जुलाई 2026 को तेहरान से सना के लिए उड़ान भरने वाले एक विमान को लेकर यह विवाद शुरू हुआ, जिसे अमेरिका और यमन की सरकार ने संयुक्त राष्ट्र के हथियारों पर लगी पाबंदी का उल्लंघन बताया है। यमन के आधिकारिक राजदूत अब्दुल्ला अली फदेल अल-सादी ने इसे यमन की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया है।

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तनाव के कारण बिगड़े हालात

इस मामले पर 13 जुलाई 2026 को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की इमरजेंसी मीटिंग बुलाई गई। अमेरिकी उप राजदूत Tammy Bruce ने चेतावनी दी कि अगर ईरान ने समुद्री जहाजों पर हमला किया, तो अमेरिका इसका कड़ा जवाब देगा। वहीं दूसरी ओर, ईरान ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से गलत और मनगढ़ंत बताया है। रूस ने इसे एक मानवीय सहायता अभियान के तौर पर पेश करने की कोशिश की है।

विमान रोकने के लिए रनवे पर हमला

तनाव तब और बढ़ गया जब 14 जुलाई 2026 को यमन की आधिकारिक सरकार ने सना इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे पर हमला किया। सरकार का कहना था कि वे दूसरे अनधिकृत ईरानी विमान को लैंड करने से रोकने के लिए यह कदम उठा रहे थे। इस घटना के बाद हूतियों ने सऊदी अरब के साथ अपनी शांति वार्ता खत्म करने का ऐलान कर दिया और Abha International Airport व किंग खालिद एयर बेस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया। हालांकि सऊदी अरब की रक्षा प्रणाली ने इन हमलों को हवा में ही रोक दिया, लेकिन संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यमन अब फिर से पूर्ण युद्ध की स्थिति की ओर बढ़ रहा है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.