यमन की Presidential Leadership Council के अध्यक्ष Dr. Rashad Al-Alimi और काउंसिल सदस्य Sultan Al-Aradah ने 25 जुलाई 2026 को हुती विद्रोहियों की धमकियों को रोकने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की है। उन्होंने कहा कि सरकार देश में सुरक्षा व्यवस्था बहाल करने और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है। हुती समूह के लगातार बढ़ते हमलों और ईरान के प्रभाव को देखते हुए यमन सरकार ने अपनी सैन्य इकाइयों को और अधिक सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
हुती विद्रोहियों को सख्त चेतावनी
Dr. Al-Alimi ने स्पष्ट किया कि यमन सरकार Saudi-led Coalition के साथ मिलकर आतंकवाद, तस्करी और संगठित अपराधों को रोकने का काम कर रही है। उन्होंने हुती विद्रोहियों को चेतावनी देते हुए कहा कि वे यमन के हितों से खिलवाड़ बंद करें और ईरानी एजेंडे को छोड़ें। सरकार का मानना है कि हुती समूह जानबूझकर देश को संकट में डाल रहे हैं और उन्हें अब राज्य के अधिकार को स्वीकार करना ही होगा।
सैन्य तैयारी और सुरक्षा पर जोर
Sultan Al-Aradah ने बताया कि देश की रक्षा के लिए सेना, सुरक्षा एजेंसियों और राजनीतिक घटकों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने हुती नियंत्रित इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को युद्ध में शामिल न होने दें। यह बयान हाल ही में हुती समूह द्वारा दक्षिणी सऊदी अरब पर किए गए मिसाइल हमलों और समुद्री नाकेबंदी की घोषणा के बाद आया है। इसके जवाब में Coalition ने Hodeidah, Marib और Al-Jawf में हुती ठिकानों और मिसाइल डिपो को निशाना बनाया है।
