सऊदी अरब के किंग सलमान मानवीय सहायता और राहत केंद्र (KSrelief) के प्रोजेक्ट ‘मसाम’ ने यमन की जमीन को बारूदी सुरंगों से मुक्त करने में एक और बड़ी सफलता हासिल की है. टीम ने जून के दूसरे हफ्ते में हजारों विस्फोटक सामानों को हटाकर वहां के आम लोगों के लिए खतरा कम किया है. इस अभियान के बाद अब लाखों वर्ग मीटर जमीन सुरक्षित हो गई है जिसे अब नागरिक इस्तेमाल कर सकेंगे.

एक हफ्ते में हटाए गए विस्फोटक

प्रोजेक्ट मसाम के ऑपरेशंस रूम से जारी बयान के मुताबिक, 6 जून से 12 जून 2026 के बीच कुल 2,045 विस्फोटक आइटम निकाले गए. इन विस्फोटकों का ब्योरा इस प्रकार है:

  • 98 एंटी-टैंक माइन्स
  • 18 एंटी-पर्सनल माइन्स
  • 1,927 बिना फटे विस्फोटक (UXO)
  • 2 इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED)

इस एक हफ्ते के काम से करीब 451,108 वर्ग मीटर जमीन को पूरी तरह सुरक्षित किया गया है. प्रोजेक्ट के जनरल डायरेक्टर ओसामा अल-कुसैबी ने इन आंकड़ों की पुष्टि की है.

जून महीने का कुल हिसाब

अगर जून महीने की शुरुआत से 12 जून तक के आंकड़ों को देखें, तो अब तक कुल 2,843 विस्फोटक आइटम हटाए जा चुके हैं. इसमें 2,708 बिना फटे विस्फोटक, 104 एंटी-टैंक माइन्स, 29 एंटी-पर्सनल माइन्स और 2 आईईडी शामिल हैं. इस दौरान कुल 635,652 वर्ग मीटर जमीन को सुरक्षित किया गया.

2018 से अब तक की उपलब्धि

जुलाई 2018 में प्रोजेक्ट मसाम की शुरुआत हुई थी. तब से लेकर 12 जून 2026 तक, इस प्रोजेक्ट ने अब तक कुल 567,182 विस्फोटक आइटम निकाले हैं. अब तक कुल 81.3 मिलियन वर्ग मीटर से ज्यादा जमीन को बारूदी सुरंगों से मुक्त कर दिया गया है.

इन इलाकों में चला अभियान

यह अभियान यमन के कई प्रांतों और जिलों में चलाया गया. हद्रमौत के अल मुकल्ला जिले में सबसे ज्यादा काम हुआ, जहां 14 एंटी-पर्सनल माइन्स, 14 एंटी-टैंक माइन्स और 1,326 बिना फटे विस्फोटक मिले. इसके अलावा हजजा, लहज, शबवा, मारिब और ताइज़ के इलाकों में भी सफाई अभियान चलाया गया. रिपोर्ट के मुताबिक, इन सुरंगों को हूथी मिलिशिया ने बेतरतीब तरीके से बिछाया था, जिन्हें अब सऊदी अरब की मदद से हटाया जा रहा है.

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.