यमन की Presidential Leadership Council (PLC) के सदस्य ने 25 जुलाई 2026 को देश की सभी सैन्य इकाइयों को युद्ध के लिए पूरी तरह तैयार रहने का निर्देश दिया है। फ्रंट लाइन पर सेना की तैनाती और तनाव के बढ़ते दायरे को देखते हुए सरकार ने सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। यमन और सऊदी अरब के बॉर्डर के पास भारी सैन्य जमावड़ा देखा जा रहा है।

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लगातार हो रहे हमले और जवाबी कार्रवाई

यह फैसला यमन की सशस्त्र सेना द्वारा सऊदी अरब के King Khalid Airbase पर मिसाइल हमले के बाद आया है। इसके जवाब में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने 25 जुलाई को Hodeidah Governorate में हूती ठिकानों पर स्ट्राइक की। गठबंधन ने यह स्पष्ट किया है कि हूती गुटों के खतरों के बावजूद वहां के बंदरगाह व्यावसायिक जहाजों के लिए खुले हैं और सामान्य रूप से काम कर रहे हैं।

जुलाई के महीने में लगातार बढ़ी सतर्कता

सेना की तैयारी को लेकर यह कोई पहली चेतावनी नहीं है। इससे पहले 13 जुलाई को PLC Chairman Rashad Al-Alimi ने सेना को सर्वोच्च स्तर पर सतर्क रहने का आदेश दिया था। उन्होंने यह फैसला तब लिया था जब हूती मिलिशिया ने सना एयरपोर्ट के रनवे को निशाना बनाया था। इससे पहले 6 जुलाई को यमन के आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ Lieutenant General Sagheer bin Aziz ने भी हूती गतिविधियों के जवाब में अधिकतम तैयारी का निर्देश दिया था। सरकारी अधिकारी लगातार देश की संप्रभुता की रक्षा और किसी भी बाहरी खतरे को रोकने के लिए अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत कर रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.