Yemen पर बड़ा हमला, मोखा पोर्ट पर हुए ड्रोन और मिसाइल अटैक में 7 लोगों की मौत और 30 घायल.

यमन के बंदरगाह शहर मोखा पर रविवार, 9 अगस्त 2026 को एक बड़ा हूती हमला हुआ, जिसमें 7 लोगों की मौत हो गई और 30 लोग घायल हो गए। इस हमले में ज्यादातर आम नागरिक प्रभावित हुए हैं। यमन की सेना ने सोमवार, 10 अगस्त को पुष्टि की कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने इस हमले के दौरान 11 हूती ड्रोन को हवा में सफलतापूर्वक रोक लिया और नष्ट कर दिया। इस हमले में ड्रोनों के साथ-साथ रॉकेट का भी इस्तेमाल किया गया था, जिससे पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों के मन में डर बैठ गया।
हूती हमले को सेना ने बताया आतंकवादी कृत्य
यमन सेना के प्रवक्ता कर्नल मजीद अल-नुजाइली ने इस पूरी घटना की कड़ी निंदा की और इसे एक बड़ा आतंकवादी कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि इन हमलों में सीधे तौर पर आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, जिसमें लोगों के घर, बिजली घर और सैन्य ठिकाने शामिल हैं। इस हमले के दौरान एक विस्फोटक से भरी नाव ने भी वाणिज्यिक घाट पर हमला करने की कोशिश की थी, जिसे सेना ने नाकाम कर दिया। सेना ने इसे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का खुला उल्लंघन करार दिया और कहा कि वे हूती खतरों का सामना करने तथा क्षेत्र में शांति बहाल करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।
हूती प्रवक्ता ने ली हमले की जिम्मेदारी
दूसरी तरफ, हूती सैन्य प्रवक्ता यह्या सारी ने इस ऑपरेशन की जिम्मेदारी ली और कहा कि उन्होंने मोखा में सऊदी लामबंदी और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया था। उन्होंने दावा किया कि इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोनों का इस्तेमाल किया गया था और उनके निशाने बिल्कुल सटीक थे जिससे भारी तबाही हुई है। उनका यह भी दावा था कि इस हमले में हताहत होने वालों में सऊदी नागरिक भी शामिल हैं। यमन के राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख रशद अल-अलिमी ने मोखा बंदरगाह पर हुए इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे यमन के लोगों के संसाधनों और आर्थिक जीवन रेखाओं के खिलाफ एक सुनियोजित युद्ध बताया। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि यह हमला क्षेत्र में ईरान की बढ़ती गतिविधियों का ही एक हिस्सा है।
यमीनी सेना का कड़ा जवाब
इस हमले के जवाब में यमनी सेना के तोपखाने ने मारिब गवर्नरट के जबल हाइलान क्षेत्र में हूती नियंत्रण केंद्रों, मिसाइल लॉन्च प्लेटफॉर्म और बैरकों पर भारी गोलाबारी की। इसके अलावा अल-जुबाह जिले में भी ठिकानों को निशाना बनाया गया। ताइज़ गवर्नरट के उत्तर-पश्चिमी हिस्सों में सरकारी बलों और हूती मिलिशिया के बीच भीषण झड़पें भी देखने को मिलीं। अंतरिम राजधानी अदन के महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के ऊपर से टोही ड्रोन भी रोके गए, जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति पर कड़ी नजर बनाए रखी है। इस तरह के लगातार हमलों से आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है और लोग सुरक्षित ठिकानों की तलाश करने पर मजबूर हैं।