Yemen News: यमन की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने की सऊदी अरब की तारीफ, क्षेत्रीय सुरक्षा पर कही बड़ी बात.

Sushma Kumari18 August 20262 min read59 viewsYemen
Yemen News: यमन की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने की सऊदी अरब की तारीफ, क्षेत्रीय सुरक्षा पर कही बड़ी बात.

यमन की नेशनल डिफेंस काउंसिल ने क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता को मजबूत करने में सऊदी अरब की महत्वपूर्ण भूमिका की जमकर तारीफ की है। 17 अगस्त 2026 को राष्ट्रपति डॉ. रशाद अल-अलिमी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में यमन के अधिकारियों ने खुलकर सऊदी सरकार का आभार जताया। यह बैठक मुख्य रूप से देश की सुरक्षा स्थिति और सैन्य तैयारियों की समीक्षा करने के लिए बुलाई गई थी, जिसमें दोनों देशों के बीच मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी पर भी खास जोर दिया गया।

सऊदी अरब के साथ मजबूत होती साझेदारी

यमन के नेताओं ने क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शांति बनाए रखने के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व की सराहना की। काउंसिल ने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ने, अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को सुरक्षित रखने और क्षेत्र में आने वाले खतरों को कम करने के लिए उठाए गए कदमों को सराहा। इस दौरान यह बात सामने आई कि दोनों देश मिलकर किस तरह से सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर दोनों पड़ोसी देशों की सोच काफी हद तक एक जैसी दिखाई दी।

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सैन्य ताकत बढ़ाने का बड़ा आदेश

इसी बैठक के दौरान काउंसिल ने यमन की सशस्त्र सेनाओं के कामकाज की समीक्षा की और उनकी बहादुरी की तारीफ की। सेना ने हाल ही में हुथी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन ऑपरेशन समेत कई सफल हमले किए थे, जिसकी सराहना काउंसिल ने खुले तौर पर की। सेना की इस सफलता को देखते हुए सरकार ने उनकी रक्षात्मक क्षमताओं को और बढ़ाने का कड़ा निर्देश दिया। आदेश के तहत दुश्मनों से निपटने के लिए हवाई और मिसाइल सुरक्षा को और अधिक विस्तार देने की बात कही गई है। इसके साथ ही देश के अंदर चल रहे तस्करी के नेटवर्क और गुप्त सेल को तोड़ने के लिए खुफिया विभाग को और ज्यादा सतर्क रहने को कहा गया है।

रियाद में हुई मंत्रियों की अहम बैठक

एक तरफ जहां देश के भीतर सैन्य रणनीतियों पर काम चल रहा था, वहीं दूसरी ओर कूटनीतिक स्तर पर भी बड़ी बातचीत हुई। यमन की विदेश मंत्री अफराह अल जौबा ने रियाद में सऊदी विदेश मंत्री राजकुमार फैसल बिन फरहान से मुलाकात की। इस मुलाकात का मुख्य मकसद क्षेत्रीय रक्षा और आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को लेकर अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराना था। दोनों नेताओं ने इस बात पर जोर दिया कि वे मिलकर देश की संप्रभुता और शांति के लिए काम करते रहेंगे।

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