यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल (PLC) ने ईरान को अपने आंतरिक मामलों में दखल देना बंद करने की सख्त चेतावनी दी है. काउंसिल ने कहा कि ईरान यमन की संप्रभुता और उसकी सीमाओं का सम्मान करे. यह विवाद ईरान की ‘Mahan Air’ की एक फ्लाइट के सनाआ पहुंचने के बाद शुरू हुआ है.

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प्रेसिडेंट डॉ. रशाद अल-अलीमी (Dr. Rashad Al-Alimi) की अध्यक्षता में एक खास मीटिंग हुई. इसमें बताया गया कि ईरान ने सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के जरिए एक फ्लाइट भेजने की मांग की थी. इस फ्लाइट का मकसद उन हूती (Houthi) लोगों को वापस ले जाना था, जिन्हें 3 जुलाई 2026 को सनाआ एयरपोर्ट से भेजा गया था.

PLC ने इस फ्लाइट को अंतरराष्ट्रीय कानून और सुरक्षा परिषद के नियमों का उल्लंघन बताया है. सरकार ने साफ किया है कि भविष्य में ऐसी हरकतों को रोकने के लिए राजनीतिक, राजनयिक और सैन्य कदम उठाए जाएंगे. काउंसिल ने चेतावनी दी कि अगर ईरान और हूती मिलिशिया ने इसे जारी रखा, तो इसके नतीजे भुगतने होंगे.

लंदन में चैथम हाउस (Chatham House) के एक कॉन्फ्रेंस में काउंसिल सदस्य डॉ. अब्दुल्ला अल-अलीमी (Dr. Abdullah Al-Alimi) ने भी इस मुद्दे पर बात की. उन्होंने कहा कि सनाआ में ईरानी फ्लाइट का आना यमन की संप्रभुता का उल्लंघन है. उन्होंने यह भी कहा कि समुद्री रास्तों पर हो रहे हमलों से पता चलता है कि ‘अंसार अल्लाह’ (हूती) शांति के लिए सही साथी नहीं हैं.

यमन सरकार ने कहा कि वे शांति चाहते हैं, लेकिन देश की सुरक्षा और सम्मान की कीमत पर नहीं. अगर राजनीतिक समाधान को ठुकराया गया और हमले बढ़े, तो सरकार कड़े कदम उठाएगी.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.