यमन के प्रधानमंत्री Dr. Maeen Abdulmalik Saeed ने 26 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि यमन सरकार अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों की सुरक्षा के लिए सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगी। अदन में कैबिनेट बैठक के दौरान उन्होंने हूती मिलिशिया द्वारा लाल सागर में कमर्शियल जहाजों को निशाना बनाने और समुद्री यातायात को खतरे में डालने की कड़ी निंदा की।
हूती हमलों से अर्थव्यवस्था पर असर
प्रधानमंत्री ने कहा कि हूती गुट के ये हमले क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने के इरादे से किए जा रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से हूती गतिविधियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने और उन्हें मिलने वाली मदद को रोकने की अपील की। कैबिनेट बैठक में जरूरी सामान, भोजन और ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने के लिए सरकारी योजनाओं पर भी चर्चा हुई। सरकार का कहना है कि हूती हमलों के कारण यमन की आम जनता पर आर्थिक और मानवीय बोझ बढ़ रहा है।
समुद्री सुरक्षा को लेकर सतर्कता
यमन के रक्षा मंत्री ने भी हूती आतंकवाद को रोकने के लिए सशस्त्र बलों की प्रतिबद्धता दोहराई है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब UK Maritime Trade Operations (UKMTO) ने दक्षिणी लाल सागर में एक तेल टैंकर के पास अज्ञात प्रोजेक्टाइल गिरने की सूचना दी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई भी हताहत नहीं हुआ और जहाज को नुकसान नहीं पहुंचा।
