यमन के प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल ने हूती मिलिशिया पर शांति प्रयासों को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। सरकार का कहना है कि सना एयरपोर्ट पर एक अवैध फ्लाइट की लैंडिंग यमन की संप्रभुता का सीधा उल्लंघन है। इसके जवाब में यमन के सशस्त्र बलों ने एयरपोर्ट के रनवे को निशाना बनाया है ताकि आगे किसी भी तरह के अवैध दखल को रोका जा सके।
🚨: Yemen का बड़ा फैसला, Houthi हमलों को रोकने के लिए सरकार ने घोषित की परमानेंट इमरजेंसी।
नागरिक सुरक्षा और सरकार की सख्ती
सरकारी अधिकारियों ने साफ किया है कि इस सैन्य कार्रवाई का मुख्य मकसद आम नागरिकों की सुरक्षा करना था। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि भविष्य में बिना सरकारी मंजूरी के यमन के हवाई क्षेत्र में कोई भी विमान दाखिल नहीं हो पाएगा। यमन सरकार ने सना एयरपोर्ट को यमन एयरवेज के माध्यम से कानूनी तरीके से संचालित करने की अपनी तैयारी भी जताई है।
ईरान पर सीधा आरोप
यमन काउंसिल ने इस पूरे तनाव के लिए हूती विद्रोहियों के साथ-साथ ईरान को भी जिम्मेदार ठहराया है। सरकार का मानना है कि ईरान लगातार हूतियों को समर्थन और मदद दे रहा है। सुरक्षा को देखते हुए यमन के सशस्त्र बलों और एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। काउंसिल ने आपातकालीन बैठक बुलाकर इस मामले पर चर्चा की है और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से अपील की है कि वे केवल निंदा करने के बजाय इस मामले में कड़े और प्रभावी कदम उठाएं।
