यमन में हालात और भी खराब होते जा रहे हैं। यहाँ की Presidential Leadership Council (PLC) ने साफ कहा है कि हूतियों द्वारा समुद्री जहाजों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर किए जा रहे हमलों की वजह से देश में मानवीय संकट गहरा गया है। इन हमलों के कारण दुनिया भर से पाबंदियां लग रही हैं, जिसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है।

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3 जुलाई 2026 को जारी एक बयान में काउंसिल ने बताया कि हूतियों की सैन्य कार्रवाई की वजह से यमन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग-थलग पड़ता जा रहा है। काउंसिल ने पहले भी चेतावनी दी थी कि हूतियों द्वारा यमन की जमीन का इस्तेमाल दूसरे देशों पर हमला करने के लिए नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे यमन एक अंतरराष्ट्रीय युद्ध में फंस सकता है।

दूसरी तरफ, हूतियों के सैन्य प्रवक्ता Yahya Sarea ने धमकी दी है कि अगर सऊदी अरब ने यमन के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन करना बंद नहीं किया, तो वे सऊदी के हवाई अड्डों और जमीनी व समुद्री संपत्तियों को निशाना बनाएंगे। इससे पहले फरवरी और मार्च 2026 के दौरान भी हूतियों ने समुद्री ट्रैफिक पर मिसाइल और ड्रोन हमलों की चेतावनी दी थी।

इन हमलों को रोकने के लिए दुनिया के बड़े देश कड़े कदम उठा रहे हैं। United States (US) ने जनवरी 2026 में उन लोगों और कंपनियों पर प्रतिबंध लगाए हैं जो हूतियों को तेल, हथियार और पैसा पहुँचा रहे थे। अमेरिका ने हूतियों को एक विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित कर रखा है।

यूरोपीय संघ (EU) भी अपनी समुद्री सुरक्षा टीम EUNAVFOR ASPIDES के जरिए जहाजों को अलर्ट कर रहा है। उन्होंने इजराइल और अमेरिका से जुड़े जहाजों को लाल सागर और अदन की खाड़ी के कुछ इलाकों से बचने की सलाह दी है।

संयुक्त राष्ट्र (UN) भी इस मामले पर नजर रखे हुए है। UN Security Council के प्रस्तावों के तहत हूतियों से इन हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं का कहना है कि इन हमलों की वजह से जरूरी सामान और मानवीय मदद यमन तक नहीं पहुँच पा रही है, जिससे लाखों लोग भूख और बीमारी से जूझ रहे हैं।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.