यमन की Presidential Leadership Council ने देश की सुरक्षा और सैन्य तैयारियों को और अधिक मजबूत करने का फैसला लिया है। July 2026 के दौरान जारी किए गए विभिन्न निर्देशों में सेना और सुरक्षा बलों को हर तरह की चुनौतियों का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार रहने को कहा गया है। यह कदम देश की रक्षा क्षमता को बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सुरक्षा और सतर्कता पर जोर

July 13, 2026 को Presidential Leadership Council के अध्यक्ष और सशस्त्र बलों के सुप्रीम कमांडर ने सरकारी विभागों, सेना और सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। यह निर्देश एक हवाई अड्डे की घटना और हालिया उकसावे की गतिविधियों के बाद जारी किया गया था, जिसमें सभी को अधिकतम सतर्कता बरतने के लिए कहा गया। साथ ही, परिषद की एक आपातकालीन बैठक भी बुलाई गई ताकि सरकारी संस्थानों की तैयारी और समन्वय को बेहतर बनाया जा सके।

अल-हुदैदा और अन्य क्षेत्रों में तैयारी

इससे पहले, July 5, 2026 को परिषद के अध्यक्ष Rashad Al-Alimi ने सरकारी बलों को Houthi समूह का सामना करने के लिए अधिकतम सैन्य तैयारी रखने का निर्देश दिया था। यह निर्देश दक्षिण के Al Hudaydah प्रांत में हुई झड़पों के बाद आया था। July 16, 2026 को उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि सरकार की पूर्व अनुमति के बिना किसी भी विदेशी विमान को यमन के किसी भी हवाई अड्डे पर उतरने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

सैन्य गतिविधियों की रिपोर्ट

July 29, 2026 तक मिली रिपोर्ट्स के अनुसार, पूर्वी यमन में Saudi बलों की तैनाती और AbyanAden में सैनिकों की संख्या बढ़ाने की खबरें सामने आई हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में National Army, Homeland Shield Forces और Giants Brigades जैसे सैन्य गुट सीधे फील्ड ऑपरेशंस में हिस्सा ले सकते हैं। हालांकि, इन तैनाती को लेकर Saudi Arabia या Houthi समूह की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.