यमन की Presidential Leadership Council (PLC) ने देश की सुरक्षा को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। 30 जुलाई 2026 को जारी एक आधिकारिक निर्देश में काउंसिल ने सभी सैन्य और सुरक्षा बलों को हाई अलर्ट और पूरी तैयारी के साथ रहने का आदेश दिया है। इस कदम का मुख्य उद्देश्य देश की स्थिरता को बनाए रखना और बाहरी खतरों का डटकर मुकाबला करना है।
हूती विद्रोहियों के खिलाफ सख्त रुख
PLC के सदस्य Abdul Rahman Al-Mahrami ने साफ तौर पर कहा कि हूती समूह शांति के रास्ते पर चलने के लिए तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसे समूहों को केवल ताकत और मजबूती से ही रोका जा सकता है। उन्होंने रक्षा मंत्री Lieutenant General Tahir Al-Aqili के साथ Riyadh में बैठक की और सेना को आपातकालीन स्थिति के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए।
सुरक्षा बलों को मजबूत करने का निर्देश
काउंसिल ने निर्देश दिया है कि सेना के लिए बेहतर ट्रेनिंग और जरूरी साजो-सामान की आपूर्ति सुनिश्चित की जाए। Al-Mahrami ने सशस्त्र बलों को देश का सेफ्टी वाल्व बताया है। यह निर्णय ऐसे समय में लिया गया है जब हूती विद्रोही लगातार Red Sea में अंतरराष्ट्रीय जहाजों और व्यापारिक मार्गों को निशाना बना रहे हैं। Marib में हुई एक बैठक में भी सना के गणमान्य लोगों ने PLC के इस फैसले का पूर्ण समर्थन किया है।
