यमन के संघर्ष के बीच एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है. जॉर्डन की राजधानी Amman में हुई लंबी बातचीत के बाद एक बड़े समझौते पर मुहर लगी है. इस डील के तहत बड़ी संख्या में कैदियों को रिहा किया जाएगा, जिससे हजारों परिवारों में खुशी की लहर है. ओमान और संयुक्त राष्ट्र (UN) ने इस फैसले का स्वागत किया है.

कैदियों की रिहाई का पूरा ब्यौरा क्या है?

इस समझौते के तहत कुल 1,728 कैदियों को रिहा करने की बात तय हुई है. यह यमन संघर्ष की शुरुआत के बाद से अब तक का सबसे बड़ा Prisoner Swap है. इसमें दोनों पक्षों के लोग शामिल हैं, जिनमें सैनिक, सुरक्षाकर्मी और पत्रकार भी हैं.

विवरण संख्या/जानकारी
कुल रिहा होने वाले कैदी लगभग 1,728
Houthi समर्थित कैदी लगभग 1,100
सऊदी गठबंधन और सहयोगी बल लगभग 580
सऊदी अरब के नागरिक 7
सूडान के नागरिक 20

इस समझौते में किन देशों और संस्थाओं की भूमिका रही?

यह समझौता UN के विशेष दूत Hans Grundberg की देखरेख में 14 हफ्तों की कड़ी बातचीत के बाद हुआ. Oman के विदेश मंत्रालय ने इस पर आधिकारिक बयान जारी कर जॉर्डन के प्रयासों की तारीफ की. यह पूरी प्रक्रिया दिसंबर 2025 में Muscat, Oman में हुई शुरुआती बातचीत पर आधारित थी. इसके अलावा, International Committee of the Red Cross (ICRC) ने कैदियों के सत्यापन और लॉजिस्टिक इंतजामों में मदद की.

आगे की योजना और इसका प्रभाव क्या होगा?

दोनों पक्षों ने सहमति जताई है कि वे आगे भी बातचीत जारी रखेंगे ताकि और ज्यादा कैदियों को रिहा किया जा सके. अब दोनों तरफ से संयुक्त समितियां बनाई जाएंगी जो जेलों का दौरा करेंगी और कैदियों की लिस्ट को अंतिम रूप देंगी. इस कदम को विश्वास बनाने की एक प्रक्रिया माना जा रहा है ताकि यमन में शांति और राजनीतिक समाधान का रास्ता खुल सके.

Frequently Asked Questions (FAQs)

यमन कैदी विनिमय समझौते में कुल कितने लोग रिहा होंगे?

इस समझौते के तहत कुल 1,728 कैदियों की रिहाई होगी, जिसमें लगभग 1,100 हूती समर्थित और 580 सऊदी गठबंधन एवं सहयोगी बलों के सदस्य शामिल हैं.

यह बातचीत कहाँ हुई और इसे किसने संचालित किया?

बातचीत जॉर्डन की राजधानी अमान में हुई, जिसे संयुक्त राष्ट्र (UN) के विशेष दूत Hans Grundberg ने संचालित किया और ओमान ने इसे सुविधाजनक बनाया.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.