यमन में लंबे समय से चल रहे संघर्ष के बीच एक बहुत बड़ी राहत की खबर आई है। वहां के दो गुटों के बीच कैदियों की अदला-बदली का एक बड़ा समझौता हुआ है। इस खबर का कुवैत और सऊदी अरब ने स्वागत किया है और इसे शांति की दिशा में एक बड़ा कदम माना है।

कैदियों की रिहाई के समझौते की बड़ी बातें

यह समझौता 14 मई 2026 को जॉर्डन की राजधानी अम्मान में साइन किया गया। यह समझौता संयुक्त राष्ट्र (UN) की देखरेख में हुई कई हफ्तों की बातचीत के बाद हुआ है। इस डील की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • इस समझौते के तहत दोनों तरफ से करीब 1,600 से 1,750 कैदियों को रिहा किया जाएगा।
  • हूती गुट से जुड़े 1,100 कैदियों के बदले सरकार की तरफ से 580 कैदियों को छोड़ा जाएगा।
  • इन 580 कैदियों में 7 सऊदी और 20 सूडान के नागरिक भी शामिल हैं।
  • कैदियों की इस अदला-बदली की पूरी प्रक्रिया को International Committee of the Red Cross (ICRC) मैनेज करेगा।
  • यमन सरकार के बातचीत दल के प्रमुख याह्या काज़मान ने बताया कि यह एक बड़े ‘all-for-all’ समझौते का पहला हिस्सा है, जिसमें कुल 3,000 कैदी शामिल हो सकते हैं।

कुवैत और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है

इस मानवीय कदम पर दुनिया भर के कई देशों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इस समझौते को यमन में शांति और स्थिरता लाने के लिए एक सकारात्मक कदम बताया। सऊदी अरब ने भी इसका स्वागत किया और कहा कि इससे मानवीय दुख कम होगा।

संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत हंस ग्रुंडबर्ग ने इसे हजारों यमनियों के लिए बड़ी राहत बताया। वहीं संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने इस समझौते का स्वागत करते हुए इसे जल्द से जल्द लागू करने की अपील की। उन्होंने उन सभी लोगों की रिहाई की भी मांग की जिन्हें गलत तरीके से हिरासत में रखा गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यमन में कितने कैदियों की रिहाई का समझौता हुआ है

इस समझौते के तहत कुल 1,600 से 1,750 कैदियों को रिहा किया जाएगा, जिसमें 1,100 हूती समर्थक और 580 सरकारी पक्ष के कैदी शामिल हैं।

इस समझौते में किन देशों के नागरिक शामिल हैं

रिहा होने वाले 580 कैदियों में 7 सऊदी अरब और 20 सूडान के नागरिक भी शामिल हैं।