यमन में चल रहे विवाद के बीच एक बड़ी मानवीय खबर सामने आई है। गठबंधन बलों ने एक समझौते पर साइन किए हैं, जिसके बाद बड़ी संख्या में कैदियों की रिहाई होगी। इस फैसले से उन परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी जो अपने अपनों का इंतज़ार कर रहे थे।

रिहाई के समझौते में क्या खास बातें हैं?

गठबंधन बलों के आधिकारिक प्रवक्ता Brigadier General Turki Al-Maliki ने बताया कि इस समझौते के तहत कुल 1750 कैदियों और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाएगा। इसमें यमन के सभी पक्षों और गठबंधन बलों के लोग शामिल हैं।

  • कुल रिहा होने वाले कैदी: 1750
  • गठबंधन बलों के कैदी: 27
  • सऊदी अरब के कैदी: 7

यह समझौता कहां और किसके नेतृत्व में हुआ?

यह समझौता गुरुवार, 14 मई 2026 की शाम को जॉर्डन की राजधानी Amman में हुआ। इस मीटिंग में संयुक्त बलों की बातचीत समिति और यमन के विभिन्न पक्षों ने हिस्सा लिया। इस पूरी प्रक्रिया को संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg के ऑफिस ने स्पॉन्सर किया था।

Brigadier General Al-Maliki ने साफ किया कि कैदियों और हिरासत में लिए गए लोगों का मामला एक मानवीय मुद्दा है। गठबंधन बलों की लीडरशिप इस बात का पूरा ध्यान रख रही है कि सभी लोग सुरक्षित वापस लौट सकें।

Frequently Asked Questions (FAQs)

कुल कितने कैदियों की रिहाई होगी?

इस समझौते के तहत यमन के सभी पक्षों और गठबंधन बलों के कुल 1750 कैदियों और हिरासत में लिए गए लोगों को रिहा किया जाएगा।

सऊदी अरब के कितने नागरिक इस समझौते का हिस्सा हैं?

गठबंधन बलों के कुल 27 कैदियों की रिहाई होगी, जिनमें 7 सऊदी नागरिक शामिल हैं।