यमन के पब्लिक प्रॉसिक्यूटर Qahir Mustafa ने एक बड़ा आदेश जारी किया है, जिसके तहत भंग हो चुकी Southern Transitional Council (STC) के सभी फंड्स और बैंक खातों को जब्त कर लिया गया है. यह कदम 17 जून 2026 को उठाया गया ताकि सरकारी पैसों की सुरक्षा की जा सके. इस आदेश का असर अब सभी बैंकों और वित्तीय संस्थानों पर पड़ेगा.

सरकार ने साफ किया है कि इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य भ्रष्टाचार को रोकना और मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अपराधों को खत्म करना है. इसके जरिए सरकार अपने घरेलू और संप्रभु संसाधनों को वापस पाना चाहती है.

इस आदेश के तहत क्या नियम लागू हुए हैं:

  • इन बैंक खातों से कोई भी पैसा निकाला नहीं जा सकेगा.
  • किसी भी तरह का फंड ट्रांसफर या कानूनी बदलाव करने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है.
  • Yemeni Central Bank और सभी एक्सचेंज ऑफिसों को तुरंत इस आदेश का पालन करने को कहा गया है.
  • सभी वित्तीय संस्थाओं को STC से जुड़े खातों और बैलेंस की पूरी जानकारी पब्लिक प्रॉसिक्यूशन को देनी होगी.

यह कार्रवाई एक अस्थायी कानूनी कदम है ताकि जब तक अदालत का आखिरी फैसला नहीं आता, तब तक फंड सुरक्षित रहें. अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त सबूत हैं जो इन खातों को चल रही जांच से जोड़ते हैं.

क्या है पूरा मामला

साल 2026 की शुरुआत में ही STC को लेकर काफी विवाद हुआ था. जनवरी 2026 में रियाद में STC के एक प्रतिनिधिमंडल ने समूह को भंग करने का ऐलान किया था, जिसका सऊदी अरब ने स्वागत किया. हालांकि, अबू धाबी में मौजूद समूह के प्रवक्ता ने इस ऐलान को दबाव में लिया गया फैसला बताकर इसे गलत कहा था.

इसी दौरान, यमन की Presidential Leadership Council ने Aidarus al-Zubaidi को उनके पद से हटा दिया था. उन पर देश की स्वतंत्रता को नुकसान पहुँचाने और गद्दारी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए थे, जिसकी जांच के लिए एक विशेष कमेटी भी बनाई गई थी.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.