यमन की Presidential Leadership Council के चेयरमैन Rashad al-Alimi ने स्पष्ट कर दिया है कि देश अब किसी भी तरह की धमकी या ब्लैकमेल के आगे नहीं झुकेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि हूती मिलिशिया द्वारा थोपे गए एजेंडे को स्वीकार नहीं किया जाएगा। 21 जुलाई 2026 को सऊदी न्यूज़ के माध्यम से जारी इस बयान ने यमन की कड़ा रुख अपनाते हुए शांति और युद्ध पर लिए जाने वाले फैसलों पर अपनी पकड़ मजबूत करने की बात कही है।
🚨: सऊदी की सुरक्षा पर कतर का बड़ा बयान, कहा- सऊदी अरब की सुरक्षा ही हमारी सुरक्षा है।
शांति और सरकारी संस्थान बहाली की मांग
Rashad al-Alimi ने अपने 20 जुलाई के टेलीविजन संबोधन में हूती विद्रोहियों पर निशाना साधते हुए कहा कि यमन में सशस्त्र समूहों के लिए कोई भविष्य नहीं है। उन्होंने देश के लोगों से अपील की कि वे हूती तख्तापलट को समाप्त करने और सरकारी संस्थानों को फिर से शुरू करने के लिए राष्ट्रीय सेना का समर्थन करें। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान समर्थित इन गुटों के साथ कोई शांति संभव नहीं है जो केवल युद्ध की नींव पर टिके हैं।
तेल निर्यात की बहाली और आर्थिक सुधार
सरकार ने 20 जुलाई को एक महत्वपूर्ण फैसले में यमन से तेल निर्यात को फिर से शुरू करने की घोषणा की, जिसे 2022 से बंद कर दिया गया था। सरकार का कहना है कि इस निर्यात से मिलने वाले राजस्व का उपयोग सरकारी बजट, कर्मचारियों के वेतन और जरूरी सेवाओं को बेहतर बनाने में किया जाएगा। 13 जुलाई को भी उन्होंने हूती उल्लंघनों के खिलाफ देश की संप्रभुता की रक्षा करने का संकल्प दोहराया था।
