संयुक्त राष्ट्र के यमन के लिए विशेष दूत Hans Grundberg ने रेड सी में कमर्शियल जहाजों पर हूतियों द्वारा दोबारा किए जा रहे हमलों को लेकर गंभीर चिंता जाहिर की है। 24 जुलाई 2026 को न्यू यॉर्क से जारी बयान में उन्होंने कहा कि समुद्री रास्तों में फिर से पैदा हुई रुकावटें यमन में शांति बहाली की कोशिशों को कमजोर कर रही हैं।
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शांति बहाली पर संकट
Hans Grundberg ने बताया कि वे पिछले कुछ हफ्तों से लगातार यमन के नेताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संबंधित पक्षों से बातचीत कर रहे हैं। उनका मुख्य मकसद 2022 में हुए समझौते की शर्तों को बचाए रखना है ताकि यमन में हिंसा न बढ़े। उन्होंने चेतावनी दी कि मौजूदा तनाव यमन को फिर से युद्ध की आग में धकेल सकता है, जिससे वहां के आम लोगों की परेशानियां और अधिक बढ़ेंगी।
रास्ता अभी भी खुला है
संयुक्त राष्ट्र के दूत का मानना है कि हालात अभी भी सुधारे जा सकते हैं। उन्होंने राजनीतिक, आर्थिक और सुरक्षा से जुड़े मसलों पर बातचीत को आगे बढ़ाने की अपील की है। उन्होंने जोर दिया कि यमन में एक समझौते तक पहुंचने से न केवल यमन में हालात सामान्य होंगे, बल्कि इससे पूरे क्षेत्र की स्थिरता पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
