यमन की Presidential Leadership Council (PLC) के चेयरमैन Rashad Al-Alimi ने 20 जुलाई 2026 को देश के तेल निर्यात को फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। यह निर्यात साल 2022 के अंत से बंद पड़ा था। सरकार का कहना है कि इस फैसले से मिलने वाली कमाई का उपयोग सरकारी कर्मचारियों की सैलरी देने और देश के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने में किया जाएगा ताकि आम नागरिकों को आर्थिक राहत मिल सके।
सुरक्षा व्यवस्था और हूती गुट की धमकी
सरकार ने 22 जुलाई को Hadramout प्रांत के Al-Dhabba तेल पोर्ट और आसपास के इलाकों में सुरक्षा काफी बढ़ा दी है। चेयरमैन Rashad Al-Alimi ने हूती मिलिशिया पर आरोप लगाया कि वे देश के संसाधनों का इस्तेमाल ब्लैकमेल के लिए कर रहे हैं, जिससे आम जनता की मुसीबतें बढ़ रही हैं। इस बीच हूती गुट ने सऊदी अरब के जहाजों को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिसके चलते तेल ले जा रहे टैंकरों को अपना रास्ता बदलकर Suez Canal की तरफ जाना पड़ रहा है।
अंतरराष्ट्रीय असर और राजनीतिक स्थिति
हूती गुट के बढ़ते खतरों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है। Yemen में इस फैसले का राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है, हालांकि Southern Transitional Council के कुछ सदस्यों ने तेल से होने वाली कमाई के बंटवारे को लेकर सवाल उठाए हैं। चेयरमैन Al-Alimi ने यमन में भारत के राजदूत के साथ मुलाकात में समुद्री रास्तों को सुरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया ताकि ईरान समर्थित मिलिशिया के खतरों से बचा जा सके।
