यमन के रक्षा मंत्रालय ने 13 जुलाई 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उनकी सेना ने Sanaa International Airport के रनवे को निशाना बनाया है। सेना का उद्देश्य ईरान से आने वाले विमानों की लैंडिंग को रोकना था। यह जानकारी SaudiNews50 द्वारा सबसे पहले साझा की गई थी।
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दावों और सच्चाई के बीच विरोधाभास
एक तरफ यमनी सेना ने रनवे को निशाना बनाने की बात कही, तो दूसरी तरफ ईरानी समाचार एजेंसी FARS ने दावा किया कि Mahan Air का एक यात्री विमान उसी दिन साना एयरपोर्ट पर सफलतापूर्वक उतरा और करीब एक घंटे बाद वापस भी उड़ गया। प्रत्यक्षदर्शियों का हवाला देते हुए FARS ने यह भी बताया कि साना में ईरानी अधिकारियों और वरिष्ठ Houthi नेताओं के बीच एक बैठक होने वाली है।
विवादों में ईरान और यमन की उड़ानें
जुलाई की शुरुआत से ही साना के लिए ईरानी उड़ानें लगातार विवाद का विषय बनी हुई हैं। इससे पहले 3, 4 और 5 जुलाई को भी ऐसी ही घटनाएं रिपोर्ट की गई थीं। हूती नियंत्रित यमनी सशस्त्र बलों का कहना है कि उन्होंने सऊदी युद्धक विमानों को ईरानी विमानों को रोकने से पहले ही मार गिराया था। वहीं, Mahan Air के विमानों के जरिए हूती प्रतिनिधिमंडल, घायल और बीमार लोगों को ले जाने की खबरें सामने आती रही हैं।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कड़ा विरोध
यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और Presidential Leadership Council ने इन उड़ानों को यमन की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। Arab League ने भी 10 जुलाई के आसपास हुई अनधिकृत लैंडिंग पर कड़ी आपत्ति जताई थी। हूती प्रवक्ता Yahya Sarea ने सऊदी अरब को चेतावनी दी है कि अगर हवाई क्षेत्र का उल्लंघन जारी रहा, तो वे सऊदी एयरपोर्ट्स को निशाना बनाएंगे। फिलहाल सऊदी अरब ने इस मसले पर UN Security Council में चर्चा की मांग की है और साना एयरपोर्ट के बजाय जॉर्डन के Queen Alia Airport पर उड़ानें उतारने का प्रस्ताव दिया है।
