यमन में हालात एक बार फिर बिगड़ गए हैं। 25 जुलाई 2026 को सऊदी के नेतृत्व वाले गठबंधन ने मारिब और होदेदाह में हूती विद्रोहियों के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। गठबंधन का कहना है कि यह कार्रवाई लाल सागर में हूती गुटों द्वारा कमर्शियल जहाजों पर किए गए हमलों के जवाब में की गई है।
गठबंधन और हूती गुटों के बीच टकराव
सऊदी गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने साफ किया कि होदेदाह बंदरगाह को निशाना नहीं बनाया गया है और यमन के सभी बंदरगाह आने-जाने के लिए खुले हैं। वहीं, हूती समर्थित मीडिया ने दावा किया कि हवाई हमलों में होदेदाह शहर और कमरान द्वीप पर बने टेलीकॉम ऑफिस और बंदरगाह के हिस्सों को नुकसान पहुंचा है।
मैदान पर जारी हैं संघर्ष
हवाई हमलों के अलावा मारिब और जाव्फ के इलाकों में जमीनी लड़ाई भी तेज हो गई है। मारिब के दक्षिणी हिस्से में सरकारी बलों ने हूतियों के हमले को नाकाम कर दिया। जाव्फ के अल-मराशी और बार्ट जिलों में भी कबीलाई लड़ाकों और हूतियों के बीच झड़प हुई, जिसमें हूतियों के तीन मिलिट्री वाहन नष्ट हो गए।
राष्ट्रपति का कड़ा रुख
यमन की प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल के अध्यक्ष डॉ. रशाद अल-अलीमी ने हूतियों को चेतावनी दी है कि वे यमन के हितों को ईरान के एजेंडे के लिए कुर्बान करना बंद करें। गठबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि हूती विद्रोही सना एयरपोर्ट से फ्लाइट्स उड़ाने की इजाजत नहीं दे रहे हैं, जिससे आम यमनी लोग परेशान हो रहे हैं।
