यमन के लोगों की जान बचाने के लिए सऊदी अरब का प्रोजेक्ट मसाम लगातार जमीन से बारूदी सुरंगें हटा रहा है। ताजा जानकारी के मुताबिक, 15 मई 2026 तक टीम ने कुल 3,124 विस्फोटक आइटम निकाले हैं। यह पूरा अभियान किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) की मदद से चलाया जा रहा है ताकि आम लोग अपनी जमीन का इस्तेमाल बिना किसी डर के कर सकें।

मई महीने में कितनी बारूदी सुरंगें और विस्फोटक हटाए गए?

प्रोजेक्ट मसाम की टीम ने मई की शुरुआत से लेकर 15 मई 2026 तक कुल 3,124 विस्फोटक आइटम हटाए। इसमें अलग-अलग तरह के खतरे शामिल थे, जिनका विवरण नीचे दिया गया है:

  • एंटी-पर्सनेल माइन्स: 157
  • एंटी-टैंक माइन्स: 267
  • बिना फटे विस्फोटक (UXO): 2,685
  • आईईडी (IED): 15

हैरानी की बात यह है कि इनमें से 2,285 विस्फोटक केवल 9 से 15 मई के बीच के एक हफ्ते में ही हटाए गए। इस दौरान 145 एंटी-पर्सनेल माइन्स और 172 एंटी-टैंक माइन्स बरामद हुए।

कितनी जमीन को सुरक्षित बनाया गया और अब तक का कुल आंकड़ा क्या है?

मई के पहले 15 दिनों के भीतर टीम ने 845,671 स्क्वायर मीटर जमीन को पूरी तरह सुरक्षित कर दिया है। प्रोजेक्ट मैनेजर ओसामा अल-कासाइबी ने बताया कि यह सारा काम अंतरराष्ट्रीय मानवीय मापदंडों के तहत किया गया।

अगर इस प्रोजेक्ट की शुरुआत से बात करें, तो 2018 के मध्य से 15 मई 2026 तक प्रोजेक्ट मसाम ने अब तक कुल 561,140 विस्फोटक खतरों को खत्म किया है। इसके जरिए यमन में 80.3 मिलियन स्क्वायर मीटर से ज्यादा जमीन को सुरक्षित बनाकर लोगों के लिए खोल दिया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

प्रोजेक्ट मसाम को कौन संचालित कर रहा है?

प्रोजेक्ट मसाम को सऊदी अरब के किंग सलमान ह्यूमैनिटेरियन एड एंड रिलीफ सेंटर (KSrelief) द्वारा संचालित किया जा रहा है।

मई 2026 के पहले पखवाड़े में कितनी जमीन सुरक्षित हुई?

1 मई से 15 मई 2026 के बीच प्रोजेक्ट मसाम ने कुल 845,671 स्क्वायर मीटर जमीन को बारूदी सुरंगों से मुक्त कर सुरक्षित बनाया है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.