यमन ने ईरान के प्रति अपनी पूरी एकजुटता जताई है। यमन सरकार ने अमेरिका और इसराइल की हरकतों पर कड़ा ऐतराज जताया है। उनका कहना है कि अगर ये हमले नहीं रुके, तो पूरी दुनिया में अस्थिरता फैल सकती है और यह स्थिति एक बड़े युद्ध का रूप ले सकती है।

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यमन ने अमेरिका और इसराइल को क्यों दी चेतावनी?

यमन के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Abdulwahid Abu Ras ने ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi को एक चिट्ठी लिखी। इसमें उन्होंने कहा कि अमेरिका और इसराइल ने ईरान की संप्रभुता और आजादी का उल्लंघन किया है। उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय नियमों और संधियों का बड़ा उल्लंघन बताया। अबू रस ने चेतावनी दी कि अगर यह हमला जारी रहा, तो यह न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होगा बल्कि दुनिया की अर्थव्यवस्था और तेल की कीमतों पर भी बुरा असर डालेगा।

भारत की भूमिका और ईरान की शर्त क्या है?

इस पूरे मामले में ईरान ने भारत की तरफ भी इशारा किया है। ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर Kazem Gharibabadi ने कहा कि अगर भारत पश्चिम एशिया के तनाव को कम करने के लिए कोई पहल करता है, तो ईरान उसका स्वागत करेगा। उन्होंने BRICS की बैठक से पहले भारत के निष्पक्ष नजरिए की तारीफ की।

साथ ही ईरान ने एक बड़ी शर्त रखी है। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिका प्रतिबंध हटाता है, नौसेना की नाकाबंदी खत्म करता है और ईरान के फंसे हुए फंड्स को रिलीज करता है, तो वह समुद्री रास्तों (maritime access) को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

यमन ने अमेरिका और इसराइल को लेकर क्या चेतावनी दी है?

यमन ने कहा कि अमेरिका और इसराइल की हरकतें ईरान की संप्रभुता का उल्लंघन हैं। अगर ये हमले जारी रहे, तो यह वैश्विक अर्थव्यवस्था, तेल की कीमतों और दुनिया की सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है और एक बड़े युद्ध की वजह बन सकता है।

ईरान ने भारत के बारे में क्या कहा है?

ईरान के डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर ने कहा कि भारत का नजरिया निष्पक्ष है और अगर नई दिल्ली पश्चिम एशिया के तनाव को कम करने के लिए कोई कोशिश करती है, तो ईरान उसका स्वागत करेगा।