यमन में चल रही शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। 13 जुलाई 2026 को यमन में तनाव फिर से बढ़ गया, जब यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार ने Sana’a International Airport पर रनवे को निशाना बनाया। इस हमले का उद्देश्य एक ईरानी विमान को उतरने से रोकना था, जिसमें कथित तौर पर हूती प्रतिनिधि सवार थे। इस घटना के बाद हूती आंदोलन ने सऊदी अरब के साथ चल रहे शांति समझौते के खत्म होने का ऐलान कर दिया है।
शांति वार्ता पर संकट के बादल
संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने सभी पक्षों से बातचीत की मेज पर वापस लौटने की अपील की है। उन्होंने कहा कि 2022 से चल रही शांति को बनाए रखना बेहद जरूरी है, लेकिन हालिया घटनाओं ने इस उम्मीद को कमजोर कर दिया है। संयुक्त राष्ट्र के सहायक महासचिव Khaled Khiari ने सुरक्षा परिषद को चेतावनी दी है कि एकतरफा कदम उठाने से यमन में शांति नहीं आएगी, बल्कि यह देश को फिर से युद्ध की आग में धकेल सकता है।
क्षेत्रीय देशों की चिंता
यमन में बिगड़ते हालात पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता जाहिर की जा रही है। चीन के दूत Sun Lei ने 14 जुलाई को एयरपोर्ट के आसपास बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई है। वहीं, पाकिस्तान के राजदूत Usman Jadoon ने सऊदी अरब के समर्थन की बात दोहराते हुए यमन में राजनीतिक प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। हूती गुट की ओर से सऊदी अरब की तरफ बैलिस्टिक मिसाइलें भी दागी गईं, जिन्हें सुरक्षा सिस्टम ने बीच रास्ते में ही रोक दिया। यमन के Hodeidah इलाके में लगातार हो रही झड़पें इस बात का संकेत हैं कि स्थिति कितनी नाजुक बनी हुई है।
