यमन में हालात एक बार फिर बिगड़ते नजर आ रहे हैं, जिससे वहां दोबारा युद्ध शुरू होने का डर बढ़ गया है। लंबे समय से चल रहे युद्धविराम के बाद अब फिर से हिंसक झड़पें शुरू हो गई हैं। अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने स्थिति को संभालने के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील की है।
कैदियों की अदला-बदली पर चर्चा
UN के विशेष दूत Hans Grundberg ने 11 जुलाई 2026 को बताया कि यमन की अंतरराष्ट्रीय मान्यता प्राप्त सरकार और हूती समूह दोनों ने कैदियों की अदला-बदली के समझौते को पूरा करने का वादा किया है। पहले इस प्रक्रिया में देरी हुई थी, जिसके लिए दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। Grundberg ने दोनों पक्षों से जल्द से जल्द तकनीकी काम पूरा करने को कहा है ताकि आगे कोई देरी न हो।
हिंसक हमले और तनाव
तनाव तब और बढ़ गया जब 5 जुलाई 2026 को होदेइदा के Hays जिले में हूती विद्रोहियों ने सरकारी बलों पर हमला कर दिया। इस हमले में 16 सरकारी सैनिक मारे गए और 22 अन्य घायल हो गए। इसी दौरान लाल सागर (Red Sea) में होदेइदा के तट के पास एक मालवाहक जहाज पर भी हमले की खबर आई।
ईरानी विमान और सऊदी की चेतावनी
3 जुलाई 2026 को एक ईरानी नागरिक विमान सना हवाई अड्डे पर उतरा था। बताया गया कि यह विमान हूती प्रतिनिधिमंडल को आयतुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार में ले जाने के लिए आया था। यमन सरकार ने इसे अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताया है। वहीं, सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने चेतावनी दी है कि किसी भी हूती खतरे का जवाब बहुत कड़ी कार्रवाई से दिया जाएगा। इसके जवाब में हूतियों ने भी सऊदी हवाई अड्डों और महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमले की धमकी दी है।
UN सुरक्षा परिषद की बैठक
यमन सरकार ने 7 जुलाई 2026 को UN सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाने की मांग की है। सरकार का कहना है कि हूती समूह ईरान के समर्थन से नियमों का उल्लंघन कर रहा है। सुरक्षा परिषद इस मामले पर 13 जुलाई को एक खुली ब्रीफिंग कर सकती है।
