Yemen: यमनी सेना ने हूतियों के ठिकानों पर किया बड़ा हमला, नागरिकों की सुरक्षा के लिए लिया गया कड़ा फैसला.

यमन में चल रहे तनाव के बीच यमनी सशस्त्र बलों ने शनिवार, 8 अगस्त 2026 को एक बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। यह अभियान देश के विभिन्न इलाकों में हूती मिलिशिया के ठिकानों और उनकी सैन्य क्षमताओं को निशाना बनाने के लिए चलाया गया। यमनी सशस्त्र बलों के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-निज़िली ने स्पष्ट किया है कि यह कदम हूतियों द्वारा लगातार किए जा रहे उल्लंघन और आम नागरिकों के जीवन पर बढ़ते खतरों का सीधा जवाब है।
नागरिकों की सुरक्षा के लिए सैन्य कार्रवाई
कर्नल अल-निज़िली ने बताया कि यह सैन्य कार्रवाई राष्ट्रीय सुरक्षा को बचाने और निर्दोष नागरिकों की रक्षा करने के लिए एक वैध अधिकार है। मारिब और हदरमौत गवर्नरेट में हूतियों द्वारा किए गए हमलों के कारण कई आम लोगों की जान गई है, जिसे देखते हुए सेना ने यह निर्णय लिया है। हाल ही में 7 अगस्त 2026 को मारिब में एक सरकारी शिविर पर हुए हमले और आवासीय इलाकों में ड्रोन व बैलिस्टिक मिसाइलें गिराए जाने के कारण दो नागरिकों की मौत हुई थी और 14 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इन घटनाओं ने सरकार को कड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है।
एकजुटता और चेतावनी
प्रवक्ता ने यह भी जोर दिया कि यमनी सशस्त्र बल पूरी तरह से एकजुट हैं और एक मोर्चे पर होने वाले हमले को पूरे देश पर हमला माना जाएगा। उन्होंने हूतियों और उनके समर्थकों, जिन्हें ईरान का समर्थन प्राप्त है, को इस बढ़ते तनाव के लिए जिम्मेदार ठहराया है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए भविष्य में भी ऐसे निर्णायक फैसले लेते रहेंगे। इसके साथ ही, स्थानीय कबीलों और आम जनता से भी अपील की गई है कि वे राज्य के संस्थानों को बहाल करने और शांति स्थापित करने की कोशिशों में सेना का पूरा साथ दें।
अंतर्राष्ट्रीय चिंता और सरकारी सतर्कता
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी यमन में बिगड़ते हालात पर गहरी चिंता जताई है और हालिया हूती हमलों की कड़ी निंदा की है, जिसमें सऊदी अरब और व्यावसायिक जहाजों को निशाना बनाना शामिल है। यमनी विदेश मंत्रालय ने सुरक्षा परिषद के इस बयान का स्वागत किया है। राष्ट्रपति रशाद अल-अलीमी की अध्यक्षता में यमनी नेशनल डिफेंस काउंसिल ने भी एक आपातकालीन बैठक बुलाई और सुरक्षा तैयारियों को बढ़ा दिया है। अभी भी ताइज़ और होदेइदाह के कई इलाकों में संघर्ष की खबरें आ रही हैं, जबकि हूती गुट की ओर से सेना के इस बयान पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।