Yemen Crisis: यमनी सशस्त्र बलों ने होती ठिकानों पर की बड़ी सैन्य कार्रवाई, कई मोर्चों पर हमलों को किया नाकाम

Yemeni Armed Forces ने देश भर में Houthi militia के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान शुरू किया है। सरकारी सेना ने कई मोर्चों पर होती विद्रोहियों के जमावड़े और उनकी सैन्य ताकत को निशाना बनाया है। सैन्य प्रवक्ताओं ने पुष्टि की है कि यह आक्रामक कार्रवाई होती मिलिशिया द्वारा लगातार किए जा रहे हमलों के बाद उठाई गई है, खासकर तियाज़ के पश्चिम में स्थित Al-Barh मोर्चे और मारिब प्रांत के दक्षिण और पश्चिम के इलाकों में।
कई मोर्चों पर हुई भारी कार्रवाई और नुकसान
सरकारी बलों द्वारा की गई इस जवाबी कार्रवाई में दर्जनों होती लड़ाकों के मारे जाने की खबर है। इसके अलावा होती विद्रोहियों के पास मौजूद भारी सैन्य उपकरण, बैरिक्स, तोपें और कई सैन्य वाहन पूरी तरह नष्ट कर दिए गए हैं। सरकारी सेना ने तोपखाने और ड्रोन के इस्तेमाल से किए गए इन समन्वित हमलों को पूरी तरह से विफल कर दिया और दुश्मनों को पीछे हटने पर मजबूर कर दिया।
सऊदी अरब में अरामको रिफाइनरी पर ड्रोन हमला
एक तरफ जहां देश के भीतर संघर्ष तेज हुआ है, वहीं क्षेत्रीय तनाव भी काफी बढ़ गया है। होती बलों ने कथित तौर पर सऊदी अरब के जीजान शहर में स्थित Aramco रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला किया। होती गुटों का कहना है कि यह हमला कथित हवाई क्षेत्र के उल्लंघनों के जवाब में किया गया है। हिंसा में इस अचानक हुई बढ़ोतरी ने पूरे इलाके में चिंता बढ़ा दी है।
संयुक्त राष्ट्र की चेतावनी और मानवीय संकट
इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के विशेष दूत Hans Grundberg ने चेतावनी दी है कि यमन को साल 2022 के बाद से एक बार फिर से बड़े पैमाने पर संघर्ष शुरू होने का सबसे गंभीर खतरा पैदा हो गया है। सैन्य तनाव के माहौल के बीच देश में मानवीय स्थिति बेहद खराब बनी हुई है। संयुक्त राष्ट्र के अधिकारियों की रिपोर्ट के अनुसार, यमन में लगभग 6 million people वर्तमान में आपातकालीन स्तर की खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। वहीं, प्रेसिडेंशियल लीडरशिप काउंसिल ने एक स्थायी राजनीतिक समाधान और सभी हथियारों पर राज्य का नियंत्रण स्थापित करने की अपनी मांग को फिर से दोहराया है।